{"_id":"61c6256463e6c808381cce18","slug":"agitaion-rspura-news-jmu250515387","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन पहले डाली गई तारकोल उखड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन पहले डाली गई तारकोल उखड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरनिया। कस्बे के वार्ड-13 में डाली गई तारकोल मात्र तीन दिन के बाद ही उखड़ गई। इससे स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने इसे जेई व ठेकेदार की मिलीभगत बताया।
प्रदर्शन कर रहे सेवानिवृत्त सूबेदार वीर सिंह ने कहा कि रात को इस सड़क पर तारकोल डाली गई, और तीन दिन बाद ही उखड़ गई, जिसे लेकर हम चीफ इंजीनियर से इसकी शिकायत करेंगे। भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सोनू पंडित ने कहा कि संबंधित जेई ने सर्दी व ओस का बहाना बना कर पीछा छुड़ाने की कोशिश की है। जो मान्य नहीं है। असल में यहां तारकोल की हल्की व घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर मात्र खानापूर्ति की गई है। ऐसा लगता है जैसे तारकोल में काले रंग का मिश्रण किया गया है। ताकि पूरी सड़क काली दिखे। अगर सर्दी व ओस से तारकोल उखड़ी है तो संबंधित जेई को इसका ज्ञान होना चाहिए। इससे जाहिर है कि जेई ने ठेकेदार के साथ रातों रात तारकोल डलवाई है। जो हम सहन नहीं करेंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी का कहना है कि हमने कुछ माह पहले यहां तारकोल डलवाने का प्लान बना कर भेजा था। जिसे मंजूर कर पीडब्ल्यूडी ने कार्य शुरू किया। मगर रातों रात जब तारकोल डाली गई तो मुझे भी सूचित नहीं किया गया। इससे करीब सात आठ सौ मीटर लंबे इस सड़क मार्ग पर डाली गई तारकोल उखड़ गई।
विज्ञापन
जेई सत्य भूषण का कहना है कि तारकोल उखड़ने का कारण सर्दी व ओस का गिरना है। यातायात में तारकोल के टिप्पर फंस जाने से देर शाम को ही तारकोल डालनी पड़ी और यह कोई बड़ी बात भी नहीं है। न इसे इतनी गंभीरता से लेकर हो हल्ला करना चाहिए। इस पर दोबारा तारकोल डाली जाएगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे सेवानिवृत्त सूबेदार वीर सिंह ने कहा कि रात को इस सड़क पर तारकोल डाली गई, और तीन दिन बाद ही उखड़ गई, जिसे लेकर हम चीफ इंजीनियर से इसकी शिकायत करेंगे। भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सोनू पंडित ने कहा कि संबंधित जेई ने सर्दी व ओस का बहाना बना कर पीछा छुड़ाने की कोशिश की है। जो मान्य नहीं है। असल में यहां तारकोल की हल्की व घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर मात्र खानापूर्ति की गई है। ऐसा लगता है जैसे तारकोल में काले रंग का मिश्रण किया गया है। ताकि पूरी सड़क काली दिखे। अगर सर्दी व ओस से तारकोल उखड़ी है तो संबंधित जेई को इसका ज्ञान होना चाहिए। इससे जाहिर है कि जेई ने ठेकेदार के साथ रातों रात तारकोल डलवाई है। जो हम सहन नहीं करेंगे।
विज्ञापन
नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सैनी का कहना है कि हमने कुछ माह पहले यहां तारकोल डलवाने का प्लान बना कर भेजा था। जिसे मंजूर कर पीडब्ल्यूडी ने कार्य शुरू किया। मगर रातों रात जब तारकोल डाली गई तो मुझे भी सूचित नहीं किया गया। इससे करीब सात आठ सौ मीटर लंबे इस सड़क मार्ग पर डाली गई तारकोल उखड़ गई।
विज्ञापन
जेई सत्य भूषण का कहना है कि तारकोल उखड़ने का कारण सर्दी व ओस का गिरना है। यातायात में तारकोल के टिप्पर फंस जाने से देर शाम को ही तारकोल डालनी पड़ी और यह कोई बड़ी बात भी नहीं है। न इसे इतनी गंभीरता से लेकर हो हल्ला करना चाहिए। इस पर दोबारा तारकोल डाली जाएगी।