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पुलिस और अनुबंधित शिक्षकों में धक्का-मुक्की
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गांघी नगर कालेज मे अनुबंिघक टीचरो की तरफ से उच्च िशशा िवभाग के िखलाफ प्दशन करते हुएे
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जम्मू। विभिन्न कॉलेजों के अनुबंधित शिक्षकों को नीड बेस्ड बनाने पर बुधवार को गांधीनगर महिला कालेज में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों में धक्का मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा विभाग, नोडल प्रिंसिपल और सेक्रेटरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनुबंधित शिक्षकों का कहना था कि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सभी सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने मांग की कि मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही नीड बेस्ड टीचर सिस्टम को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे अधिकारों को छीन रही है। उन्होंने बताया कि पूरे जम्मू-कश्मीर में हमारी संख्या 2500 है। केवल जम्मू संभाग में ही हमारी संख्या 856 है। हम सभी न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे हैं। इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग हम सभी को नौकरी से हटाने की साजिश रच रहा है।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने लेफ्टिनेंट गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू, प्रमुख सचिव और सचिव उच्च शिक्षा विभाग से अपील की कि वह इस आदेश को वापस लें, ताकि उनकी नौकरी को कोई खतरा न रहे। उन्होंने उप राज्यपाल से कुछ विशेष चीजों पर ध्यान देने की मांग की। कहा कि जब सरकार के पास एकेडमिक अरेंजमेंट के लिए वेतन देने के पैसे नहीं हैं, तो 100 नए कॉलेज खोलने की क्या आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने लेफ्टिनेंट गवर्नर के सलाहकार के.के शर्मा से मिलने की मांग की, जिस पर आश्वासन मिला कि उन्हें जल्द मिलने का समय दिया जाएगा।
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पुलिस ने कालेज के गेट पर लगाया ताला
प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने महिला कालेज के गेट से बाहर निकलने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने कालेज का गेट बंद कर दिया और उन्हें बाहर नहीं आने दिया। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों में कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी मौजूद रहीं।
‘अनदेखी करने पर उतरेंगे सड़क पर’
अनुबंधित शिक्षकों ने कहा कि यदि हमारी बात सही ढंग से नहीं सुनी जाती है और उस पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्रदर्शन को तेज करेंगे। इसके लिए प्रशासन जिम्मेवार होगा। उन्होंने कहा कि वह मार्च करेंगे। सड़कों पर भी उतरेंगे। साथ ही जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी शुरू कर देंगे।
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प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने मांग की कि मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही नीड बेस्ड टीचर सिस्टम को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे अधिकारों को छीन रही है। उन्होंने बताया कि पूरे जम्मू-कश्मीर में हमारी संख्या 2500 है। केवल जम्मू संभाग में ही हमारी संख्या 856 है। हम सभी न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे हैं। इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग हम सभी को नौकरी से हटाने की साजिश रच रहा है।
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प्रदर्शन के दौरान उन्होंने लेफ्टिनेंट गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू, प्रमुख सचिव और सचिव उच्च शिक्षा विभाग से अपील की कि वह इस आदेश को वापस लें, ताकि उनकी नौकरी को कोई खतरा न रहे। उन्होंने उप राज्यपाल से कुछ विशेष चीजों पर ध्यान देने की मांग की। कहा कि जब सरकार के पास एकेडमिक अरेंजमेंट के लिए वेतन देने के पैसे नहीं हैं, तो 100 नए कॉलेज खोलने की क्या आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने लेफ्टिनेंट गवर्नर के सलाहकार के.के शर्मा से मिलने की मांग की, जिस पर आश्वासन मिला कि उन्हें जल्द मिलने का समय दिया जाएगा।
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पुलिस ने कालेज के गेट पर लगाया ताला
प्रदर्शन के दौरान अनुबंधित शिक्षकों ने महिला कालेज के गेट से बाहर निकलने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने कालेज का गेट बंद कर दिया और उन्हें बाहर नहीं आने दिया। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों में कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी मौजूद रहीं।
‘अनदेखी करने पर उतरेंगे सड़क पर’
अनुबंधित शिक्षकों ने कहा कि यदि हमारी बात सही ढंग से नहीं सुनी जाती है और उस पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्रदर्शन को तेज करेंगे। इसके लिए प्रशासन जिम्मेवार होगा। उन्होंने कहा कि वह मार्च करेंगे। सड़कों पर भी उतरेंगे। साथ ही जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी शुरू कर देंगे।