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खौड़ में परिसीमन आयोग के खिलाफ चल रहा धरना स्थगित
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एडीसी के आश्वासन पर विजय चिन्ह बनाते कमेटी के लोग
ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र के खौड़ में परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट के खिलाफ चल रहा धरना शनिवार को एडीसी रमेश कुमार के आश्वासन के बाद स्थगित हो गया।
छह दिन से खौड़ तहसील कार्यालय के बाहर परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट के विरोध में छंब विधानसभा क्षेत्र के लोग धरने पर बैठे थे। छह दिन से ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के बैनर तले रिपोर्ट के खिलाफ जद्दोजहद कर रहे लोगों के बीच शनिवार को एडीसी रमेश कुमार पहुंचे, जिनको लोगों ने अपनी समस्या के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इसमें आग्रह किया गया परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में छंब विधानसभा क्षेत्र का नाम बदल कर खौड़ विधानसभा क्षेत्र कर दिया गया है। परगवाल तहसील को छंब विधानसभा क्षेत्र से हटा कर अखनूर के साथ जोड़ा गया है। परगवाल तहसील छंब विधानसभा क्षेत्र का अटूट अंग है। उसको छंब के साथ ही रहने दिया जाए, और मैरा मांदरिया तथा चौकी चौहरा को छंब के साथ जोड़ा गया है। वह हमें मंजूर नहीं है।
एडीसी ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि हदबंदी कानून के कमीशन आ रहे हैं। आप लोगों की उनसे मुलाकात कराई जाएगी, ताकि समस्याओं का हल निकल सके। एडीसी के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। एडीसी ने धरने पर बैठे लोगों को जूस पिलाया। इस मौके पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के अध्यक्ष सुखदेव सिंह भाऊ ने कहा कि हम लोग एडीसी के आश्वासन पर धरना स्थगित कर रहे हैं न कि खत्म कर रहे हैं। हम अपनी मांगों को मनवा कर रहेंगे। अगर हमारा मसला हल नहीं हुआ तो हम लोग एक बार फिर धरना जारी कर देंगे।
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परगवाल तहसील को छंब से कटने नही देंगे
ज्यौड़ियां। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ खौड़ में चल रहे धरने का छह दिन से हिस्सा रहे समाज सेवी देवेंद्र सिंह भाऊ ने कहा कि हम परगवाल तहसील को छंब से कटने नही देंगे। मैरा मांदरिया और चौकी चौहरा को जुड़ने नही देंगे। अगर हमारी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो हमारा ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब को सहयोग है। देवेन्द्र भाऊ ने बताया कि आयोग की तरफ से जो रिपोर्ट तैयार की गई है वह लोगों के हित के साथ कहीं भी, किसी भी प्रकार से मेल नहीं खाती। परगवाल को अखनूर विधानसभा सीट के साथ जोड़ दिया गया है, और परगवाल वर्ष 1947 से छंब के साथ है। परगवाल छंब का अंग है, परगवाल के लोग भी छंब के साथ जुड़े रहना चाहते हैं। दूसरी तरफ मैरा मांदरिया और चौकी चौहरा के लोग भी खौड़ से जुड़ना नहीं चाहते हैं। तो फिर क्यों आयोग लोगों के साथ जबरदस्ती कर रहा है। देवेंद्र सिंह भाऊ ने कहा कि हम इस रिपोर्ट का विरोध करते हैं। संवाद
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छह दिन से खौड़ तहसील कार्यालय के बाहर परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट के विरोध में छंब विधानसभा क्षेत्र के लोग धरने पर बैठे थे। छह दिन से ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के बैनर तले रिपोर्ट के खिलाफ जद्दोजहद कर रहे लोगों के बीच शनिवार को एडीसी रमेश कुमार पहुंचे, जिनको लोगों ने अपनी समस्या के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इसमें आग्रह किया गया परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में छंब विधानसभा क्षेत्र का नाम बदल कर खौड़ विधानसभा क्षेत्र कर दिया गया है। परगवाल तहसील को छंब विधानसभा क्षेत्र से हटा कर अखनूर के साथ जोड़ा गया है। परगवाल तहसील छंब विधानसभा क्षेत्र का अटूट अंग है। उसको छंब के साथ ही रहने दिया जाए, और मैरा मांदरिया तथा चौकी चौहरा को छंब के साथ जोड़ा गया है। वह हमें मंजूर नहीं है।
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एडीसी ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि हदबंदी कानून के कमीशन आ रहे हैं। आप लोगों की उनसे मुलाकात कराई जाएगी, ताकि समस्याओं का हल निकल सके। एडीसी के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। एडीसी ने धरने पर बैठे लोगों को जूस पिलाया। इस मौके पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब के अध्यक्ष सुखदेव सिंह भाऊ ने कहा कि हम लोग एडीसी के आश्वासन पर धरना स्थगित कर रहे हैं न कि खत्म कर रहे हैं। हम अपनी मांगों को मनवा कर रहेंगे। अगर हमारा मसला हल नहीं हुआ तो हम लोग एक बार फिर धरना जारी कर देंगे।
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परगवाल तहसील को छंब से कटने नही देंगे
ज्यौड़ियां। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ खौड़ में चल रहे धरने का छह दिन से हिस्सा रहे समाज सेवी देवेंद्र सिंह भाऊ ने कहा कि हम परगवाल तहसील को छंब से कटने नही देंगे। मैरा मांदरिया और चौकी चौहरा को जुड़ने नही देंगे। अगर हमारी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो हमारा ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब को सहयोग है। देवेन्द्र भाऊ ने बताया कि आयोग की तरफ से जो रिपोर्ट तैयार की गई है वह लोगों के हित के साथ कहीं भी, किसी भी प्रकार से मेल नहीं खाती। परगवाल को अखनूर विधानसभा सीट के साथ जोड़ दिया गया है, और परगवाल वर्ष 1947 से छंब के साथ है। परगवाल छंब का अंग है, परगवाल के लोग भी छंब के साथ जुड़े रहना चाहते हैं। दूसरी तरफ मैरा मांदरिया और चौकी चौहरा के लोग भी खौड़ से जुड़ना नहीं चाहते हैं। तो फिर क्यों आयोग लोगों के साथ जबरदस्ती कर रहा है। देवेंद्र सिंह भाऊ ने कहा कि हम इस रिपोर्ट का विरोध करते हैं। संवाद