फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   AFSPA a matter for security agencies to decide: Jitendra Singh

अफस्पा का मामला सुरक्षा एजेंसियों का: जितेंद्र सिंह

Tue, 18 Nov 2014 01:32 AM IST
Updated Tue, 18 Nov 2014 01:32 AM IST
विज्ञापन
AFSPA a matter for security agencies to decide: Jitendra Singh

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) को हटाना एक ऐसा मामला है जिस पर निर्णय राजनेताओं की बजाय सुरक्षा एजेंसियों को करना चाहिए।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने यहां कश्मीरी पंडितों के एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, ‘इसका (अफ्सपा को हटाना) निर्णय करने का विशेषाधिकार सुरक्षा बलों को है कि ऐसे उपायों को रहना चाहिए या जाना चाहिए।’
विज्ञापन


सिंह ने अफ्सपा को हटाने के बारे में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सैफूद्दीन सोज एवं अन्य की मांग के बारे में पूछे गए एक सवाल का उत्तर देते हुए कहा, ‘यह हमारे लिए टिप्पणी करने का मामला नहीं है। यह सुरक्षा का मामला है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

पी चिदंबरम भी बता चुके हैं अफ्सपा को एक ‘अप्रिय कानून’

AFSPA a matter for security agencies to decide: Jitendra Singh

उन्होंने कहा, ‘यह राजनेताओं या राजनीतिक पार्टियों का विशेषाधिकार नहीं है।’ पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम द्वारा अफ्सपा को एक ‘अप्रिय कानून’ बताये जाने के दो दिन बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोज ने कल कहा कि इस कानून को जम्मू कश्मीर में हटाये जाने की जरूरत है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हमें इसकी (अफ्सपा) अब जरूरत नहीं है तथा सेना के जनरलों से चर्चा करने के बाद इसे हटा लिया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री एवं एकीकृत कमान के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने घोषणा की है कि वह सेना के जनरलों और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों से सलाह मशविरा किये बिना ही अफ्सपा को हटा देंगे।

भाजपा द्वारा कश्मीरी पंडितों के वोटों का ध्रुवीकरण करने के आरोप के बारे में पूछे गए एक सवाल पर सिंह ने कहा, ‘इसमें क्या आपत्ति है कि कोई समुदाय भाजपा को समर्थन की इच्छा रखे, चाहे वह कश्मीरी पंडित ही क्यों ना हो। आपत्ति क्या है। इसमें यदि कोई आपत्ति होनी चाहिए तो यह होनी चाहिए कि कश्मीरी पंडित उनका समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed