अमरनाथ यात्रा: अब तक 1.75 लाख श्रद्धालुओं का एडवांस पंजीकरण
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आगामी दो जुलाई से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा 2016 की तैयारियां तेज की गई हैं। यात्रा से पूर्व सभी इंतजामों को सुनिश्चित बनाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय मजबूत बनाकर काम करने को कहा गया है।
अब तक करीब 1.75 लाख यात्रियों का एडवांस पंजीकरण हो चुका है। आन स्पाट पंजीकरण के लिए भी भारी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। इस बार यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बाबा बर्फानी पवित्र गुफा में कितनी देर विराजमान रहते हैं, यह उस पर निर्भर करेगा। वर्ष 2015 में 58 दिन चली यात्रा में 3.52 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।
यात्रियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सभी यात्रा कैंपों पर संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो मौसम विभाग और जिला डिजास्टर मैनेजमेंट यूनिटों से जुड़े रहेंगे। इसके अलावा आधार शिविर भगवती नगर जम्मू और अन्य शिविरों में मौसम की ताजा जानकारी दी जाएगी, ताकि यात्री मौसम के मुताबिक ही अपनी तैयारी कर सकें।
रूट और दिन के मुताबिक यात्रा की होगी अनुमति
यात्रियों की सुरक्षा और अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा रूट पर संवेदनशील पहाड़ी स्थानों पर राज्य पुलिस की माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) के साथ अन्य सुरक्षा बलों की रेस्क्यू टीमें तैनात होंगी। बालटाल और नुनवान बेस कैंप पर असेस कंट्रोल सिस्टम के साथ दोमेल और चंदनबाड़ी असेस कंट्रोल गेट को मजबूत बनाया जाएगा।
यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लखनपुर से आगे यात्रा रूट तक पर्याप्त ट्रैफिक कर्मी तैनात होंगे। स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से लखनपुर से बनिहाल और मुगल रोड के लिए राजोरी और पुंछ के स्वास्थ्य केंद्रों पर उचित इंतजाम किए जाएंगे।
बनिहाल से आगे यात्रा रूट तक स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर देखेगा। यात्रा अवधि के दौरान पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500-7500 श्रद्धालुओं के अलावा पंजतरणी हेलीकाप्टर सेवा से अलग से श्रद्धालुओं को यात्रा की इजाजत होगी।
इस बार पारंपरिक बालटाल और चंदनबाड़ी रूट से पंजीकृत यात्रियों को ही संबंधित रूट और दिन के मुताबिक यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा उच्चाधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।