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औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में बाधाओं को किया जाए दूर : डुल्लू
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उद्योगिक इकाइयों की स्थापना में बाधाओं को किया जाए दूर
- नए औद्योगिक एस्टेट के विकास के लिए अब तक किए उपायों पर मुख्य सचिव ने की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। औद्योगिक संपदाओं के विकास में बाधा बन रहे भूमि अधिग्रहण, हस्तांतरण, बिजली और अदालती मामलों का समय पर निपटारा किया जाए। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रदेश के जिलों में नए औद्योगिक एस्टेट (आईई) के विकास के लिए अब तक किए गए उपायों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अफसरों को जारी किए। बैठक में मुख्य सचिव ने यहां नई चिह्नित औद्योगिक इकाइयों की अद्यतन स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि वे इन औद्योगिक क्षेत्रों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें, क्योंकि विभाग के पास अपेक्षित धनराशि उपलब्ध है। उन्होंने संबंधित संभागीय आयुक्तों और डीसी को भूमि संबंधी सभी मुद्दों पर गौर करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए भी कहा।
डुल्लू ने बिजली विभाग पर औद्योगिक इकाइयों में बिजली के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी दबाव डाला, ताकि स्थापित इकाइयों को जल्दी उत्पादन में आने के लिए बिजली मिल सके। उन्होंने अब तक किए गए सभी भूमि आवंटनों की समीक्षा करने का भी आह्वान किया ताकि उन सभी को जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। मुख्य सचिव ने संबंधित निदेशक उद्योग और डीसी से उनके अधिकार क्षेत्र में विकसित प्रत्येक इकाई में किए गए और लंबित कार्यों की मात्रा के बारे में भी पूछताछ की। उन्होंने वहां सड़कें और सीवेज नेटवर्क बिछाने को प्राथमिकता देने को कहा ताकि वहां अन्य सुविधाएं भी आसानी से बनाई जा सकें। विभाग से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन आवेदकों ने पहले ही अपनी प्रीमियम राशि जमा कर दी है और लीज डीड निष्पादित कर दी है। उन्हें जल्द से जल्द उनकी जमीन के टुकड़े सौंप दिए जाएं। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि सभी यूनिट धारकों को यूटी के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
आयुक्त सचिव आईएंडसी विक्रमजीत सिंह ने बैठक में बताया कि विभाग 2019 से 5733 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है। उन्होंने आगे बताया कि इस साल 31 जनवरी तक 30,000 से अधिक जम्मू-कश्मीर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए 2493 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
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यह भी जोड़ा गया कि यूटी के विभिन्न जिलों में विकसित 46 नए औद्योगिक एस्टेट के अलावा दोनों डिवीजनों में अधिक आईई के लिए मांगपत्र रखे गए हैं। बैठक में बताया गया कि इस उद्देश्य के लिए लगभग 21389 कनाल भूमि की पहचान की गई है और 2183 कनाल भूमि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में विभाग को हस्तांतरित की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। औद्योगिक संपदाओं के विकास में बाधा बन रहे भूमि अधिग्रहण, हस्तांतरण, बिजली और अदालती मामलों का समय पर निपटारा किया जाए। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने प्रदेश के जिलों में नए औद्योगिक एस्टेट (आईई) के विकास के लिए अब तक किए गए उपायों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अफसरों को जारी किए। बैठक में मुख्य सचिव ने यहां नई चिह्नित औद्योगिक इकाइयों की अद्यतन स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि वे इन औद्योगिक क्षेत्रों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें, क्योंकि विभाग के पास अपेक्षित धनराशि उपलब्ध है। उन्होंने संबंधित संभागीय आयुक्तों और डीसी को भूमि संबंधी सभी मुद्दों पर गौर करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए भी कहा।
डुल्लू ने बिजली विभाग पर औद्योगिक इकाइयों में बिजली के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी दबाव डाला, ताकि स्थापित इकाइयों को जल्दी उत्पादन में आने के लिए बिजली मिल सके। उन्होंने अब तक किए गए सभी भूमि आवंटनों की समीक्षा करने का भी आह्वान किया ताकि उन सभी को जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। मुख्य सचिव ने संबंधित निदेशक उद्योग और डीसी से उनके अधिकार क्षेत्र में विकसित प्रत्येक इकाई में किए गए और लंबित कार्यों की मात्रा के बारे में भी पूछताछ की। उन्होंने वहां सड़कें और सीवेज नेटवर्क बिछाने को प्राथमिकता देने को कहा ताकि वहां अन्य सुविधाएं भी आसानी से बनाई जा सकें। विभाग से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन आवेदकों ने पहले ही अपनी प्रीमियम राशि जमा कर दी है और लीज डीड निष्पादित कर दी है। उन्हें जल्द से जल्द उनकी जमीन के टुकड़े सौंप दिए जाएं। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि सभी यूनिट धारकों को यूटी के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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आयुक्त सचिव आईएंडसी विक्रमजीत सिंह ने बैठक में बताया कि विभाग 2019 से 5733 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है। उन्होंने आगे बताया कि इस साल 31 जनवरी तक 30,000 से अधिक जम्मू-कश्मीर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए 2493 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
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यह भी जोड़ा गया कि यूटी के विभिन्न जिलों में विकसित 46 नए औद्योगिक एस्टेट के अलावा दोनों डिवीजनों में अधिक आईई के लिए मांगपत्र रखे गए हैं। बैठक में बताया गया कि इस उद्देश्य के लिए लगभग 21389 कनाल भूमि की पहचान की गई है और 2183 कनाल भूमि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में विभाग को हस्तांतरित की गई है।