क्यों, जब्त की गई मोदी के गुजरात से आई राहत सामग्री
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जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ के बाद अन्य राज्यों से पहुंचने वाली राहत सामग्री के वितरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गुजरात से ट्रेन द्वारा सामग्री लेकर पहुंचे भारत भूमि सेवा दल का आरोप है कि सामग्री जम्मू के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बांटने के लिए लाई गई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने सामग्री से भरी बोगी अपने कब्जे में ले ली है और इसे श्रीनगर भेजना चाहते हैं।
उनका कहना था कि वे सेवा करने आए हैं, लेकिन यहां उनके साथ ऐसा सुलूक किया जाएगा, कभी सोचा नहीं था। ट्रकों में सामग्री भरकर जब श्रीनगर रवाना की जाने लगी तो दल के लोग ट्रकों के आगे बैठकर प्रदर्शन करने लगे। दल के सदस्य और स्थानीय लोग डिवीजनल कमिश्नर से मिले और उन्हें सारी बात बताई। जिन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को देखकर वह आवश्यक मदद करेंगे।
खुद क्रेडिट लेना चाहते हैं जम्मू के डीएम
जम्मू प्रेस क्लब में दल के प्रेसीडेंट अशोक कुमार राजपूत ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि उनका दल 18 टन राहत सामग्री विवेक एक्सप्रेस में लेकर पहुंचा है। रेलवे से अभी उन्होंने डिलीवरी ली ही नहीं थी कि प्रशासन के लोग पहुंच गए और सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया।
जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो उनका कहना था कि सामग्री डीएम के नाम पर पहुंची है, जबकि उनके पास सभी कागजात हैं। राजपूत के अनुसार उन्हें कहा गया कि आप सामग्री श्रीनगर में बांटो, जिसका उन्होंने विरोध किया। यदि प्रशासन जम्मू के बाढ़ प्रभावितों में सामग्री बांटने का इच्छुक है तो वह उन्हें बताए, वे खुद जाकर लोगों को राहत सामग्री देंगे।
उधर, महाराष्ट्र से राहत सामग्री लेकर पहुंचे लोगों ने भी इसी तरह का आरोप लगाया है। सामग्री के साथ पहुंचे महाराष्ट्र के संतोष कुमार ने कहा कि उनका न तो कोई एनजीओ है और न ही कोई राजनीतिक दल। महाराष्ट्र के लोगों की मदद लेकर पहुंचे हैं। इसलिए उनकी कोशिश है कि पीड़ितों को खुद सामग्री बांटें लेकिन उनके सामान को भी प्रशासन ने रोक लिया है।
डीएम जम्मू के नाम पर आई है राहत सामग्री
जिला प्रशासन ने राहत सामग्री को लेकर भारत भूमि सेवा दल की ओर से लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। प्रशासन के अनुसार दल के सदस्य दोपहर 2:30 बजे डीसी से मिले और उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री गुजरात से डीएम जम्मू के नाम बुक करवाकर लाई गई है, जिसे वे बांटना चाहते हैं।
राहत सामग्री का संचालन कर रहे डा. आरके थापा (केएएस) को तत्काल भेजा गया, जहां उन्होंने विभिन्न एनजीओ से पहुंची सामग्री को प्राप्त किया। डीएम जम्मू के नाम डीएम सूरत द्वारा भेजी गई सामग्री को रेलवे स्टेशन पर तैनात राजिंदर सिंह तारा (इंचार्ज रिलीफ आपरेशन) ने दोपहर तीन बजे सामग्री पाने के बाद उसे जम्मू के विभिन्न प्रभावित इलाकों के लिए भेजा।
आश्चर्य की बात है कि दल ने प्रशासन की छवि खराब करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस का सहारा लिया। एनजीओ सामग्री लेकर खुद बांटने की जिम्मेदारी लेना चाहता है, जिसकी इजाजत नहीं होगी।