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सात माह से खाली है अखनूर में एसडीएम की कुर्सी
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अखनूर। उप जिले में सात माह से स्थायी रूप से एसडीएम की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने उपराज्यपाल से मांग की है कि एसडीएम की तैनाती की जाए, जिससे लोगों की समस्या का समाधान हो सके।
अखनूर में सात माह पहले एसडीएम गोपाल सिंह का स्थानांतरण हो गया। एक माह तक पद पर किसी की तैनाती नहीं होने पर चौकी चौरा एसडीएम चांद किशोर शर्मा को अतिरिक्त पदभार सौंपा गया। वह तीन दिन अखनूर और तीन दिन चौकी चौरा कार्यालय में बैठते रहे। सप्ताह में मात्र दो दिन ही भूमि की रजिस्ट्री होती थी। इसके बाद एसडीएम चांद किशोर शर्मा का स्थानांतरण होने पर एक माह तक अखनूर एसडीएम का पद खाली रहने पर सरकार ने आईएएस अधिकारी नवनीत मान को एक माह के लिए अस्थायी तौर पर एसडीएम तैनात किया। मगर उनको भूमि की रजिस्टरी करने का अधिकार नहीं दिया गया। इस पर नवनियुक्त एसडीएम चौकी चौरा वीरेंद्र गुप्ता को भूमि की रजिस्ट्री करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि आईएएस अधिकारी नवनीत मान दो सप्ताह से स्थानांतरण होने पर एसडीएम का पद खाली पड़ा होने पर अखनूर के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता रोहित शर्मा ने बताया कि सीमावर्ती अखनूर में एसडीएम का पद सात माह से खाली होने पर क्षेत्र के लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भूमि संबंधी, मुआवजा सहित अन्य समस्या का समाधान नहीं होने पर लोग भटकने पर मजबूर हैं।
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ग्रम्मीण देवराज ने बताया कि सात माह से स्थायी एसडीएम नहीं मिला, भूमि की रजिस्ट्री भी तीन माह बाद एसडीएम चौकी चौरा को करने के लिए सौंपी गई है। कोविड दोबारा पैर पसारने लगा है। ऐसे में एसडीएम की तैनाती जरूरी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को चाहिए कि शीघ्र ही एसडीएम की तैनाती करें। क्षेत्र के लोगों को एसडीएम की तैनाती नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं।
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यह काम हो रहे प्रभावित
-भूमि की रजिस्ट्री समय पर नहीं होने पर परेशानी, वकीलों के काम पर असर।
-सेना के अधीन आई भूमि का मुआवजा संबंधी लोगों की परेशानी।
-भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लोगों की परेशानी।
-क्षेत्र में जनकल्याण योजनाएं लागू नहीं होने की परेशानी।
5) ....कुप्रशासन मे कोताही बरतने वाले अघिकारियों पर कारवाई नहीं।
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अखनूर में सात माह पहले एसडीएम गोपाल सिंह का स्थानांतरण हो गया। एक माह तक पद पर किसी की तैनाती नहीं होने पर चौकी चौरा एसडीएम चांद किशोर शर्मा को अतिरिक्त पदभार सौंपा गया। वह तीन दिन अखनूर और तीन दिन चौकी चौरा कार्यालय में बैठते रहे। सप्ताह में मात्र दो दिन ही भूमि की रजिस्ट्री होती थी। इसके बाद एसडीएम चांद किशोर शर्मा का स्थानांतरण होने पर एक माह तक अखनूर एसडीएम का पद खाली रहने पर सरकार ने आईएएस अधिकारी नवनीत मान को एक माह के लिए अस्थायी तौर पर एसडीएम तैनात किया। मगर उनको भूमि की रजिस्टरी करने का अधिकार नहीं दिया गया। इस पर नवनियुक्त एसडीएम चौकी चौरा वीरेंद्र गुप्ता को भूमि की रजिस्ट्री करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि आईएएस अधिकारी नवनीत मान दो सप्ताह से स्थानांतरण होने पर एसडीएम का पद खाली पड़ा होने पर अखनूर के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता रोहित शर्मा ने बताया कि सीमावर्ती अखनूर में एसडीएम का पद सात माह से खाली होने पर क्षेत्र के लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भूमि संबंधी, मुआवजा सहित अन्य समस्या का समाधान नहीं होने पर लोग भटकने पर मजबूर हैं।
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ग्रम्मीण देवराज ने बताया कि सात माह से स्थायी एसडीएम नहीं मिला, भूमि की रजिस्ट्री भी तीन माह बाद एसडीएम चौकी चौरा को करने के लिए सौंपी गई है। कोविड दोबारा पैर पसारने लगा है। ऐसे में एसडीएम की तैनाती जरूरी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को चाहिए कि शीघ्र ही एसडीएम की तैनाती करें। क्षेत्र के लोगों को एसडीएम की तैनाती नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं।
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यह काम हो रहे प्रभावित
-भूमि की रजिस्ट्री समय पर नहीं होने पर परेशानी, वकीलों के काम पर असर।
-सेना के अधीन आई भूमि का मुआवजा संबंधी लोगों की परेशानी।
-भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लोगों की परेशानी।
-क्षेत्र में जनकल्याण योजनाएं लागू नहीं होने की परेशानी।
5) ....कुप्रशासन मे कोताही बरतने वाले अघिकारियों पर कारवाई नहीं।