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तवी नदी बैराज 10 महीने में होगा पूरा, 73.34 करोड़ होंगे खर्च
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जम्मू। तवी नदी पर बैराज का काम 10 महीने में पूरा होगा। राज्य प्रशासनिक परिषद ने मंगलवार को 73.34 करोड़ रुपये से तवी बैराज निर्माण के संशोधित प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान की। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2010-11 में स्वीकृत किया गया था, जिस पर 70 करोड़ रुपये खर्च होना था।
श्रीनगर राजभवन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तवी कृत्रिम झील प्रोजेक्ट के एक हिस्से गेट वाले बैराज के संबंध में फैसला लिया गया कि इसे 10 महीने में पूरा किया जाना है। इसके दो अन्य प्रोजेक्ट तवी नदी विकास परियोजना और सुंदरीकरण व पर्यटक सुविधाओं के विकास का क्रियान्वयन शहर विकास विभाग तथा पर्यटन विभाग की ओर से किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके लिए नौकायान तथा वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 2010-11 में प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार की लापरवाही की वजह से सात सात तक इस पर कोई काम नहीं हो पाया। इससे ठेका रद्द कर दिया गया। प्रोजेक्ट की राशि भी बढ़ गई।
प्रशासनिक परिषद ने 131.73 करोड़ रुपये के संशोधित प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। इसमें 73.34 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ग्रांट होगा और अब तक खर्च हुई राशि 58.19 करोड़ रुपये शामिल होगी। बैराज का काम ई-टेंडरिंग के जरिये आवंटित होगा।
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वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां बढेंगी, रोजगार के अवसर भी होंगे उपलब्ध
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही कृत्रिम झील के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही जम्मू शहर में पर्यटक भी आकर्षित होंगे।
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श्रीनगर राजभवन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तवी कृत्रिम झील प्रोजेक्ट के एक हिस्से गेट वाले बैराज के संबंध में फैसला लिया गया कि इसे 10 महीने में पूरा किया जाना है। इसके दो अन्य प्रोजेक्ट तवी नदी विकास परियोजना और सुंदरीकरण व पर्यटक सुविधाओं के विकास का क्रियान्वयन शहर विकास विभाग तथा पर्यटन विभाग की ओर से किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके लिए नौकायान तथा वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 2010-11 में प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार की लापरवाही की वजह से सात सात तक इस पर कोई काम नहीं हो पाया। इससे ठेका रद्द कर दिया गया। प्रोजेक्ट की राशि भी बढ़ गई।
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प्रशासनिक परिषद ने 131.73 करोड़ रुपये के संशोधित प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। इसमें 73.34 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ग्रांट होगा और अब तक खर्च हुई राशि 58.19 करोड़ रुपये शामिल होगी। बैराज का काम ई-टेंडरिंग के जरिये आवंटित होगा।
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वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां बढेंगी, रोजगार के अवसर भी होंगे उपलब्ध
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही कृत्रिम झील के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही जम्मू शहर में पर्यटक भी आकर्षित होंगे।