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अस्पताल प्रशासन पर बरसे अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 18 Oct 2014 08:40 PM IST
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जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में स्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्तियों का शनिवार को अस्थायी कर्मियों ने विरोध किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर उन्हें भर्ती में प्राथमिकता न देने का आरोप लगाया। इस प्रक्रिया में करीब दो सौ चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को तीस अक्तूबर तक ही उनकी सेवाएं लेने को कहा गया है।
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जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतन पाल के अनुसार स्थायी कर्मियों की सूची जारी होने के बाद उनकी नियुक्तियां की जा रही हैं। अस्थायी कर्मियों का तीस अक्तूबर तक कार्यकाल है, लेकिन उन्हें अभी छोड़ने के लिए नहीं कहा गया है। सुपर स्पेशलिटी में शनिवार सुबह बड़ी संख्या में अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकांश कर्मियों ने कामकाज का बहिष्कार किया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि नई भर्ती के लिए अधिकांश ने आवेदन दे रखे थे। वे डेढ़ साल और इससे अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके अनुभव को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए 90 प्रतिशत तक का मेरिट निकालकर उनके हितों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए किसी भी विभाग में इतना मेरिट नहीं लिया जाता है। इससे सैकड़ों युवा बेरोजगार हो जाएंगे। इसके बाद कर्मियों ने जीएमसी में भी प्रदर्शन किया। अधिकारियों के समझाने पर ही कर्मी शांत हुए।