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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Action plan of security forces in jammu kashmir, Amarnath yatra crack up to 90 percent terrorists

J&K: सुरक्षाबलों का एक्शन प्लान तैयार, अमरनाथ यात्रा से पहले 90 फीसदी आतंकियों का होगा सफाया

Thu, 05 Apr 2018 12:41 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू Updated Thu, 05 Apr 2018 12:41 PM IST
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Action plan of security forces in jammu kashmir, Amarnath yatra crack up to 90 percent terrorists
अमरनाथ - फोटो : SELF

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले कश्मीर में मौजूद 90 फीसदी आतंकियों का सफाया कर दिया जाएगा। सुरक्षा बलों ने इस बाबत एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू होने वाली है। पिछले साल यात्रा पर हमला हो चुका है लिहाजा इस बार सुरक्षा एजेंसियां पहले से एहतियात बरत रही है।

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अनंतनाग और शोपियां में पिछले दिनों मुठभेड़ में 13 आतंकियों के मारे जाने के बाद आतंकी संगठनों में बौखलाहट बढ़ी है। अधिकांश आतंकी जंगलों में छिप गए हैं। रिहायशी इलाकों में पनाह लिए आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है। 
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अनंतनाग मुठभेड़ में जिंदा पकड़े गए आतंकी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। इन खुलासों पता चला है कि लश्कर और हिजबुल मिलकर सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते हैं। अमरनाथ यात्रियों पर हमले के लिए नई भर्तियां की जा रहीं हैं। सुरक्षा एजेंसियों की चिंता यह है कि पिछले सवा साल में 250 से अधिक आतंकियों के मारे जाने के बावजूद घाटी में आतंकियों की संख्या नहीं घटी है। आतंकी संगठनों द्वारा की गई नई भर्तियों के कारण सक्रिय आतंकियों की संख्या फिर से 200 के करीब पहुंच गई है।
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लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के अधिकांश बड़े कमांडर मारे जा चुके हैं लेकिन आतंकियों की नई जमात भी तैयार हुई है। इसमें अधिकांश आतंकी 20 से 30 साल के हैं। दक्षिणी कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में पनाह लिए इन आतंकियों में एमबीए, इंजीनियर, प्रोफेशनल्स और अन्य पढ़े-लिखे युवा शुमार हैं।

उत्तरी कश्मीर से पाकिस्तानी आतंकियों का सफाया

Action plan of security forces in jammu kashmir, Amarnath yatra crack up to 90 percent terrorists

डीजीपी एसपी वैद ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि दक्षिण कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की घर वापसी के प्रयास भी तेज किए गए हैं। आतंकियों की बातचीत उनके परिवार वालों से कराने के प्रयास हो रहे हैं। जो सरेंडर करते हैं उन्हें एक मौका दिया जाएगा। लेकिन जो बंदूक नहीं छोड़ते हैं, उन्हें अंजाम भुगतना होगा। अनंतनाग में शनिवार को पिछली मुठभेड़ में दोनों आतंकियों की बातचीत उनके परिवार वालों से कराई गई थी। एक ने सरेंडर कर दिया जबकि दूसरा आतंकी मारा गया। 

उत्तरी कश्मीर से पाकिस्तानी आतंकियों का लगभग सफाया हो चुका है। उत्तरी कश्मीर में 60 फीसदी आतंकी पाकिस्तानी थे। अब कुछ स्थानीय आतंकी बचे हैं। दक्षिणी कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की संख्या 95 फीसदी तक है। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की संख्या कम है। हिजबुल का इस क्षेत्र में आधार रहा है। अमरनाथ यात्रा से पहले जैश ए मोहम्मद के फिदायीन हमलावरों की घुसपैठ संभव है। इसके लिए सुरक्षा बलों को गृह मंत्रालय ने अलर्ट किया है। 

जिंदा पकडे़ गए आतंकी ने बताए कई राज
अनंतनाग में जिंदा पकड़ा गया आतंकी इमरान रशीद भट है। वह अनंतनाग के श्री गुफवारा इलाके के सटकीपुरा का रहने वाला है। उसके पिता का नाम अब्दुल रशीद भट है। अनंतनाग के एपी हेडक्वार्टर ताहिर अशरफ ने अमर उजाला को बताया कि आतंकी 12वीं कक्षा का ड्राप आउट है और हिजबुल के ओवर ग्राउंड वर्करों ने बरगलाकर आतंकी बनाया। वह पत्थरबाज रहा है। बाद में ओवर ग्राउंड वर्कर और फिर आतंकी बना। उसने कई राज बताए हैं जो सुरक्षा बलों के लिए मददगार हो सकते हैं। 

आतंकियों की जड़ें खोदने की तैयारी
अनंतनाग के एसएसपी अल्ताफ ने बताया कि अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकियों की जड़ें खोदने की कार्ययोजना पर अमल हो रहा है। हिजबुल और लश्कर दोनों कमजोर हुए हैं। यही कारण है कि अब दोनों आतंकी संगठन मिलकर काम करने को मजबूर हुए हैं।

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