जानिए,पेरिस हमले पर क्यों बैचेन हो उठा आरएसपुरा का ये परिवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फ्रांस के पेरिस में हुए आतंकी हमले ने विश्वनाथ के घर बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया। पूरा परिवार पेरिस में अपने बेटे की सलामती को लेकर चिंतित हो उठा।
कई घंटों की बेचैनी के बाद आखिर परिवार ने अपने लाडले से बात की और उसे सुरक्षित पाकर राहत की सांस ली। आरएस पुरा के गांव गेगियां में रहने वाले विश्वनाथ का बेटा डा. सरबजीत सूदन इंडियन फारेन सर्विस (आईएफएस) पेरिस में भारतीय दूतावास में तैनात है।
यही नहीं, सरबजीत ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को अपने फेसबुक पेज पर ‘मैं पेरिस आतंकी हमले में सुरक्षित हूं’ स्टेटस डालकर अपने सुरक्षित होने का संदेश दिया।‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए डा. सूदन ने यह भी बताया कि पेरिस में हुए हमले में सभी भारतीय सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि वह पेरिस के ही एक अन्य शहर स्ट्रैसवोर्ग में थे। उन्हें हमले की जानकारी मिली। इसके बाद दूतावास की तरफ से एक नंबर भी शेयर किया गया, जिसमें भारतीयों ने अपने सगे संबंधियों की जानकारी ली। इसके बाद सूदन ने अपने घर पर फोन से बात कर खुद को सुरक्षित होने की जानकारी दी।
टीवी पर हमले की खबर से रह गए सन्न
इसके बाद उनके पिता ने राहत की सांस ली। सरबजीत के पिता विश्वनाथ सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया किपेरिस में नियुक्त होने के बाद सरबजीत स्पेशल इंटरनेशनल परीक्षा देने गया। इसमें 80 देशों के प्रतिभागी आए।
इसमें भारत की तरफ से सरबजीत ने परीक्षा पास की। जैसे ही उन्होंने टीवी पर हमले की खबर सुनी तो वह सन्न हो गए। करीब एक घंटे के बाद सरबजीत से फोन पर बात हुई।
इसके बाद सरबजीत ने अपनी माता शशि शर्मा, बहन शालिनी शर्मा, दादी राज कुमारी से बात की। सरबजीत के पिता विश्वनाथ कहते हैं, आतंक को जड़ से खत्म करने के लिए एकजुटता जरूरी है।
सर्बजीत की मां शशि शर्मा जो कि एक रिटायर्ड टीचर हैं, का कहना है कि मौजूदा समय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और सीरिया जैसे देशों में आतंकी अपने ही लोगों का खून बहा रहे हैं।
डा. सरबजीत की बहन शालिनी शर्मा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में अधिकारी हैं। शर्मा का कहना है कि आतंक विश्व के लिए परेशानी बन गया है।