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दक्षिण कश्मीर से 80 युवा लापता, आतंकी संगठनों में शामिल होने की आशंका
एजेंसी /जम्मू
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:41 PM IST
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आतंकवादी
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घाटी में हिंसा के दो महीनों के भीतर दक्षिण कश्मीर से 80 युवा लापता हैं। खुफिया एजेंसियों ने इन युवाओं के आतंकी तंजीमों में शामिल होने की खबर है।
लापता युवाओं में से ज्यादातर के हिजबुल मुजाहिदीन और कुछ के लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने की सूचना है।
पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों में फैले दक्षिण कश्मीर में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से सबसे ज्यादा हिंसक वारदातें हुई हैं। इसी हिंसा के दौरान एक के बाद एक कर 80 युवा लापता हो गए। ज्यादातर युवा पुलवामा जिले से हैं।
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लापता युवाओं में से ज्यादातर के हिजबुल मुजाहिदीन और कुछ के लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने की सूचना है।
पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों में फैले दक्षिण कश्मीर में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से सबसे ज्यादा हिंसक वारदातें हुई हैं। इसी हिंसा के दौरान एक के बाद एक कर 80 युवा लापता हो गए। ज्यादातर युवा पुलवामा जिले से हैं।
आतंकी संगठन हिजबुल की तरफ सबसे ज्यादा युवा आकर्षित
आतंकी
- फोटो : Demo Pic.
आतंकी समूहों की बातचीत से पकड़े गए संदेशों और खुफिया एजेंसियों के इनपुट से इसका खुलासा हुआ है। खबर है कि हिजबुल मुजाहिदीन की तरफ सबसे ज्यादा युवा आकर्षित हुए हैं जबकि कुछ युवाओं के लश्कर में शामिल होने की सूचना है।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अफसराें ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर साफ नहीं है। पुलिस को चूंकि हिंसा के दौरान आतंक रोधी अभियानों के बजाय कायदा कानून की समस्या से निपटने में ज्यादा समय देना पड़ा है।
ऐसे में खुफिया एजेंसियों के पास जमीनी स्तर की मुकम्मल जानकारी नहीं पहुंच पाई है। हालांकि सुरक्षा बलों को अब फिर से दक्षिण कश्मीर में अपनी पैठ बनानी पड़ रही है। इसके लिए सुरक्षा बलों को पकड़ मजबूत करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अफसराें ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर साफ नहीं है। पुलिस को चूंकि हिंसा के दौरान आतंक रोधी अभियानों के बजाय कायदा कानून की समस्या से निपटने में ज्यादा समय देना पड़ा है।
ऐसे में खुफिया एजेंसियों के पास जमीनी स्तर की मुकम्मल जानकारी नहीं पहुंच पाई है। हालांकि सुरक्षा बलों को अब फिर से दक्षिण कश्मीर में अपनी पैठ बनानी पड़ रही है। इसके लिए सुरक्षा बलों को पकड़ मजबूत करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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प्रदर्शनकारियों के कब्जे वाले इलाकों में भेजी गई अतिरिक्त टुकड़ियां
पथराव करते युवक
- फोटो : PTI
हाल ही में आयोजित सेना के वरिष्ठ अफसरों की बैठक में भी इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदर्शनकारियों के कब्जे वाले इलाकों में फिर से सुरक्षा बलों की मौजूदगी और नियंत्रण बढ़ाया जाए। बैठक में हिदायतें मिलने के बाद ही सुरक्षा बलाें को संबंधित इलाकों में रवाना कर दिया गया है।
गौरतलब है कि आठ जुलाई का हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मौत के बाद से घाटी में हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक 80 से ज्यादा मौंते हो चुकी है जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। हिंसा को लेकर इस बार युवाओं में ज्यादा गुस्सा देखने को मिल रहा है।
गौरतलब है कि आठ जुलाई का हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मौत के बाद से घाटी में हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक 80 से ज्यादा मौंते हो चुकी है जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। हिंसा को लेकर इस बार युवाओं में ज्यादा गुस्सा देखने को मिल रहा है।