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लद्दाख रीजन के 80 फीसदी ग्लेशियर सुरक्षित हैं

Fri, 04 Dec 2015 12:07 PM IST
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:07 PM IST
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80 per cent glaciers are safe in ladakh region

हिमालय के लद्दाख रीजन में मामूली हलचल को छोड़कर सभी बड़े ग्लेशियर स्थिर हैं। देश के करीब 9500 ग्लेशियरों में से पचास फीसदी इस रीजन में ही हैं। इनमें कुल ग्लेशियरों में से 80 फीसदी बड़े ग्लेशियरों पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

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बीस फीसदी छोटे ग्लेशियरों पर ही बदलते वातावरण का थोड़ा असर दिखा है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। लद्दाख के निचले इलाकों में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी से परमो फ्रास्ट लाइन (ठंड से जमने वाली पानी की परत) थोड़ी ऊपर चली गई है।
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इससे ग्रास और गेहूं का उत्पादन ऊपर वाले क्षेत्रों में भी होने लगा है। यह तथ्य इसरो के एक प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर प्रो. एमएन कौल और सह इंवेस्टीगेटर प्रो. वीएस मन्हास की लद्दाख रीजन के ग्लेशियरों पर कई सालों तक की गई  फील्ड सर्वे रिपोर्ट में सामने आए है। 
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जलवायु तनाव के चलते ग्लेशियरों पर रहा असर

80 per cent glaciers are safe in ladakh region

प्रो. कौल के अनुसार लद्दाख रीजन में तीन बड़े ग्लेशियरों में नुबरा नदी के पास सियाचिन (करीब 72 किमी. लंबा), जंस्कार में ध्रांगध्रुन (22 किमी. लंबा) और जोजिला पार करके द्रास की ओर जाने वाले रास्ते में मचोई (4.1 किमी. लंबा) है। यह बैंच मार्क ग्लेशियर (जिनका करीब 150 साल पुराना इतिहास) हैं।

फील्ड सर्वे में पाया गया है कि तीनों बड़े ग्लेशियर पर कोई ज्यादा असर नहीं दिखा है। इन पर वर्ष 2001 से 2013 तक काम किया गया है। वर्ष 2001 से पहले जलवायु तनाव के चलते ग्लेशियर पर असर रहा है।

लेकिन वर्ष 2004 के बाद पश्चिमी विक्षोभ और वेस्टर्न लिस के चलते यूरोप के कैसपियन और मेडिट्रेन से हवाएं पामिरपास से होती हुईं लद्दाख रीजन में पहुंच रही हैं, जिससे अब बारिश के साथ समय-समय पर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है।

लद्दाख में मानसून का असर नहीं रहता

80 per cent glaciers are safe in ladakh region

लद्दाख में मानसून का असर नहीं रहता है। मानसून की हवाएं हिमालय और जोजिला में आकर रुक जाती हैं। लद्दाख रीजन के ग्लेशियर पर ताजी रिपोर्ट वर्ष 2014 के अंत में इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन (इसरो) को सौंपी गई हैं।

इससे पहले डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी भारत सरकार को जंस्कार के ध्रांगध्रुन और हिमाचल के ग्लेशियरों पर दो प्रोजेक्ट रिपोर्ट दी गई थीं। देश में लद्दाख रीजन के बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ग्लेशियर मौजूद हैं।

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