{"_id":"5c8421f3bdec22142c5ca1b8","slug":"61552163315-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर बैठे ही पंजीकरण सुविधा देने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर बैठे ही पंजीकरण सुविधा देने की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए घर बैठे ही आनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा देने की योजना श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड बना रहा है। आनलाइन पंजीकरण के दौरान श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जरूरी जानकारी के साथ आवश्यक हेल्थ सर्टिफिकेट भी अपलोड करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। उसके बाद यात्रा के दौरान बालटाल/दोमेल और नुनवान, पहलगाम या चंदनबाड़ी बेस कैंप पर असली जरूरी हेल्थ सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार शिवभक्तों के रिस्पांस को देखकर आनलाइन सेवा को और विस्तार देने का प्लान है। इसे पहली अप्रैल से सामान्य अग्रिम पंजीकरण के बाद शुरू करने की तैयारी है। बोर्ड की ओर से आनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइट पर संबंधित सामग्री को अपलोड किया जाएगा। वर्ष 2013 के बाद आनलाइन पंजीकरण सुविधा को विभिन्न कारणों से बंद किया गया था। गौर रहे कि वर्ष 2016 के बाद अमरनाथ यात्रियों का आंकड़ा तीन लाख के पार नहीं जा पाया है।
अमरनाथ यात्रा 2019 में पायलट स्तर पर शुरू की जा रही आनलाइन पंजीकरण सुविधा से इस साल पंजीकरण का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। इस साल एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2011 में 6.36 लाख आलटाइम रिकार्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इसके अगले साल 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख तक पहुंचा।
विज्ञापन
यात्रियों की हर साल भारी कमी पर श्राइन बार्ड गंभीर
साल 2012 के बाद अमरनाथ यात्रा पर आने वाले भक्तों का आंकड़ा चार लाख तक भी नहीं पहुंच पाया है। पिछले वर्ष 2018 में मात्र 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने ही बाबा के दरबार में हाजिरी दी थी। इसका एक कारण पंजीकरण के लिए औपचारिकताएं बढ़ना भी है। लगातार हर साल भक्तों की संख्या में आई गिरावट पर श्राइन बोर्ड इस बार गंभीर है। हालांकि इस बार सामान्य अग्रिम पंजीकरण पिछले कई सालों के मुकाबले एक माह देरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले यह प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हो जाती थी। इस साल 46 दिन की अमरनाथ यात्रा होगी।
-------
साबलो ने अमरनाथ यात्रा के लिए दिए कई सुझाव
जम्मू। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (साबलो) के शिष्टमंडल ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ उमंग नरुला व अन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात कर यात्रा की बेहतरी के लिए कई सुझाव देने के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधान विजय ठाकुर के नेतृत्व में सदस्यों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा अवधि को सीमित एक माह तक करने, यात्रा रूट समय पर पर्याप्त ढांचे को खड़ा करने, यात्रा खींचने पर एनजीओ कर्मियों की कमी होने, लंबे समय तक भारी सुरक्षाबलों की तैनाती, घोड़े, पालक, श्रमिक, डांडी, टेंट, दुकानदारों, विक्रेताओं से फीडवैक लेने संबंधी मुद्दों पर बातचीत की। इसके अलावा बोर्ड की बैठकों में साबलो के दो सदस्यों को स्पेशल इनवायटी के तौर पर शामिल करने और यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करने जैसे मुद्दे भी उठाए। शिष्टमंडल में महासचिव राजन गुप्ता, त्रिलोक ओबराय, हर्ष ऋषि, विजय सिंगला शामिल रहे।
विज्ञापन
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार शिवभक्तों के रिस्पांस को देखकर आनलाइन सेवा को और विस्तार देने का प्लान है। इसे पहली अप्रैल से सामान्य अग्रिम पंजीकरण के बाद शुरू करने की तैयारी है। बोर्ड की ओर से आनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइट पर संबंधित सामग्री को अपलोड किया जाएगा। वर्ष 2013 के बाद आनलाइन पंजीकरण सुविधा को विभिन्न कारणों से बंद किया गया था। गौर रहे कि वर्ष 2016 के बाद अमरनाथ यात्रियों का आंकड़ा तीन लाख के पार नहीं जा पाया है।
विज्ञापन
अमरनाथ यात्रा 2019 में पायलट स्तर पर शुरू की जा रही आनलाइन पंजीकरण सुविधा से इस साल पंजीकरण का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। इस साल एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2011 में 6.36 लाख आलटाइम रिकार्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इसके अगले साल 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख तक पहुंचा।
विज्ञापन
यात्रियों की हर साल भारी कमी पर श्राइन बार्ड गंभीर
साल 2012 के बाद अमरनाथ यात्रा पर आने वाले भक्तों का आंकड़ा चार लाख तक भी नहीं पहुंच पाया है। पिछले वर्ष 2018 में मात्र 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने ही बाबा के दरबार में हाजिरी दी थी। इसका एक कारण पंजीकरण के लिए औपचारिकताएं बढ़ना भी है। लगातार हर साल भक्तों की संख्या में आई गिरावट पर श्राइन बोर्ड इस बार गंभीर है। हालांकि इस बार सामान्य अग्रिम पंजीकरण पिछले कई सालों के मुकाबले एक माह देरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले यह प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हो जाती थी। इस साल 46 दिन की अमरनाथ यात्रा होगी।
-------
साबलो ने अमरनाथ यात्रा के लिए दिए कई सुझाव
जम्मू। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (साबलो) के शिष्टमंडल ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ उमंग नरुला व अन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात कर यात्रा की बेहतरी के लिए कई सुझाव देने के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रधान विजय ठाकुर के नेतृत्व में सदस्यों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा अवधि को सीमित एक माह तक करने, यात्रा रूट समय पर पर्याप्त ढांचे को खड़ा करने, यात्रा खींचने पर एनजीओ कर्मियों की कमी होने, लंबे समय तक भारी सुरक्षाबलों की तैनाती, घोड़े, पालक, श्रमिक, डांडी, टेंट, दुकानदारों, विक्रेताओं से फीडवैक लेने संबंधी मुद्दों पर बातचीत की। इसके अलावा बोर्ड की बैठकों में साबलो के दो सदस्यों को स्पेशल इनवायटी के तौर पर शामिल करने और यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करने जैसे मुद्दे भी उठाए। शिष्टमंडल में महासचिव राजन गुप्ता, त्रिलोक ओबराय, हर्ष ऋषि, विजय सिंगला शामिल रहे।