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कर्मिस
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जम्मू। कामर्शियल टैक्स विभाग रियासत के 120 व्यापारियों को जीएसटी समय पर नहीं भरने और उसमें त्रुटियों के कारण नोटिस जारी है। विभाग अब तक करीब आठ लाख रुपये जुर्माना के तौर पर वसूल चुका है।
व्यापारियों के अनुसार जीएसटी भरने के बाद भी उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। जबकि जीएसटी भरने के लिए कुछ रियायतें देने की घोषणा की गई थी। जीएसटी जम्मू कश्मीर में इसी साल लागू किया गया था। व्यापारियों को जागरूक करने का भी प्रावधान था और विभाग ने इस दिशा में भी कोई काम नहीं किया। हर तिमाही पर जीएसटी को भरने का समय था। इसे भरने के बाद भी नोटिस दिया जा रहा है।
चैंबर आफ कामर्स के प्रधान राकेश गुप्ता के अनुसार विभाग ने कोई भी ग्राउंड वर्क नहीं किया है। व्यापारियों को तंग किया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से पहले ही राज्य के व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद जीएसटी को लागू किया गया। मामूली-सी तकनीकी गलती पर उन्हें जुर्माना किया जा रहा है। सरकार ने जो आश्वासन दिया था, उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसे ही व्यापारियों को तंग किया गया तो वह विशाल आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों को जीएसटी भरने के लिए जागरूक किया जाए और उन्हें जुर्माना ठोकने की बजाय रियायत दी जाए।
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व्यापारियों के अनुसार जीएसटी भरने के बाद भी उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। जबकि जीएसटी भरने के लिए कुछ रियायतें देने की घोषणा की गई थी। जीएसटी जम्मू कश्मीर में इसी साल लागू किया गया था। व्यापारियों को जागरूक करने का भी प्रावधान था और विभाग ने इस दिशा में भी कोई काम नहीं किया। हर तिमाही पर जीएसटी को भरने का समय था। इसे भरने के बाद भी नोटिस दिया जा रहा है।
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चैंबर आफ कामर्स के प्रधान राकेश गुप्ता के अनुसार विभाग ने कोई भी ग्राउंड वर्क नहीं किया है। व्यापारियों को तंग किया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से पहले ही राज्य के व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। इसके बावजूद जीएसटी को लागू किया गया। मामूली-सी तकनीकी गलती पर उन्हें जुर्माना किया जा रहा है। सरकार ने जो आश्वासन दिया था, उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसे ही व्यापारियों को तंग किया गया तो वह विशाल आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों को जीएसटी भरने के लिए जागरूक किया जाए और उन्हें जुर्माना ठोकने की बजाय रियायत दी जाए।
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