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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने मांगा पांच माह का मानदेय
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:20 AM IST
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उधमपुर। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर ने शुक्रवार को हड़ताल जारी रखते हुए शहीद भगत सिंह पार्क में प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल से लंबित मांगों को पूरा करने के अलावा पांच महीने से रोके गए मानदेय को जारी करने की भी मांग की। आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि मानदेय न मिलने के कारण सबको आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर ने सुबह से दोपहर तक प्रदर्शन किया। इस आंगनबाड़ी उन्होंने कहा कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में आंगनबाड़ी वर्कर्स का पांच महीने का मानदेय जारी कर दिया गया है, लेकिन आईसीडीएस के अधिकारियों ने अभी तक आंगनबाड़ी वर्कर्स के रोके गए मानदेय को नहीं दिया है। मानदेय न मिलने के कारण जरूरत की चीजों के लिए तरसना पड़ रहा है। सरकार लंबित मांगों को तो पूरा नहीं कर रही है, लेकिन समय पर मानदेय देकर थोड़ी राहत तो प्रदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबित मांगों को लेकर एक महीना पहले पूर्व राज्यपाल से आश्वासन मिलने के बाद लग रहा था कि अब उनको हड़ताल व प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन पूर्व राज्यपाल ने 500 रुपये मानदेय बढ़ा कर उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। 500 रुपये की बढ़ोतरी किसी को भी मंजूर नहीं है। उनकी मौजूदा राज्यपाल से मांग है कि उनकी लंबित मांगों केे गंभीरता से लेकर पूरा किया जाए। लंबित मांगें पूरी होने के बाद ही आंगनबाड़ी वर्कर्स हड़ताल को समाप्त कर काम शुरू करेंगी। जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंगनबाड़ी सेंटर में हर रोज ताले लगे रहेंगे।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर ने सुबह से दोपहर तक प्रदर्शन किया। इस आंगनबाड़ी उन्होंने कहा कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में आंगनबाड़ी वर्कर्स का पांच महीने का मानदेय जारी कर दिया गया है, लेकिन आईसीडीएस के अधिकारियों ने अभी तक आंगनबाड़ी वर्कर्स के रोके गए मानदेय को नहीं दिया है। मानदेय न मिलने के कारण जरूरत की चीजों के लिए तरसना पड़ रहा है। सरकार लंबित मांगों को तो पूरा नहीं कर रही है, लेकिन समय पर मानदेय देकर थोड़ी राहत तो प्रदान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबित मांगों को लेकर एक महीना पहले पूर्व राज्यपाल से आश्वासन मिलने के बाद लग रहा था कि अब उनको हड़ताल व प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन पूर्व राज्यपाल ने 500 रुपये मानदेय बढ़ा कर उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। 500 रुपये की बढ़ोतरी किसी को भी मंजूर नहीं है। उनकी मौजूदा राज्यपाल से मांग है कि उनकी लंबित मांगों केे गंभीरता से लेकर पूरा किया जाए। लंबित मांगें पूरी होने के बाद ही आंगनबाड़ी वर्कर्स हड़ताल को समाप्त कर काम शुरू करेंगी। जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंगनबाड़ी सेंटर में हर रोज ताले लगे रहेंगे।
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