Corona Hospital: श्रीनगर में बना 500 बेड का अस्थायी अस्पताल हटाया, डीआरडीओ के साथ सरकार का करार खत्म
प्राचार्य जीएमसी श्रीनगर डॉ. सामिया रशीद ने बताया कि डीआरडीओ के साथ करार खत्म हो गया है। इसके बाद डीआरडीओ से इसे हटाना शुरू कर दिया है।
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कोरोना की दूसरी लहर में श्रीनगर में बने 500 बेड के अस्थायी डीआरडीओ अस्पताल को अब तोड़ा जाने लगा है। खोनमोह इलाके में स्थापित इस अस्पताल का उद्घाटन उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जून 2021 में किया था। अस्पताल के 500 बेड में से 125 आईसीयू तथा 375 बेड पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई थी।
आधुनिक मशीनें, ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध
अस्पताल में आधुनिक मशीनें, ऑक्सीजन सुविधा तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध थीं। प्राचार्य जीएमसी श्रीनगर डॉ. सामिया रशीद ने बताया कि डीआरडीओ के साथ छह महीने का करार हुआ था। बाद में इसे छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया। अब करार समाप्त हो गया है और उन्होंने इसे हटाना शुरू कर दिया है।
कोरोना का प्रभाव खत्म होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इस अस्पताल को संक्रामक रोग अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा लेकिन अब इसे हटाया जाने लगा। यहां संक्रामक रोग अस्पताल नहीं है। अस्पताल में तमाम संक्रामक रोगों टीबी, हेपेटाइटिस, इंफ्लूएंजा, डायरिया, डेंगू, मलेरिया आदि के मरीजों को भर्ती कर इसका प्रसार रोका जा सकता है।
उप राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने उप राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले उप राज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर ने कहा था कि इस बात का परीक्षण किया जा रहा है कि अस्पताल का कैसे इस्तेमाल किया जाना है।
कोरोना काल में डीआरडीओ ने जम्मू व श्रीनगर में दो अस्पतालों का निर्माण कराया था। जम्मू के अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से लेने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है।