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जम्मू-कश्मीर में महामाई के दर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Wed, 10 Apr 2019 02:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उधमपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उधमपुर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2019 02:25 AM IST
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उधमपुर में नवरात्र के पहले मंगलवार को मंदिरों में पूजा करने के लिए सुबह व शाम के समय काफी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने लंबी कतार में लगकर माता के दर्शन किए। टी मोड़ स्थित काली माता व कई अन्य मंदिरों में शाम तक भीड़ नजर आई।
मंगलवार को चौथा नवरात्र था और मंगलवार होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था।
टी मोड़ स्थित काली माता मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालु लाइन में लग गए थे। इसके बाद सुबह नौ बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। शाम करीब छह बजे फिर से मंदिर में कतार लगना शुरू हो गई। कुछ ऐसी ही स्थिति रैंबल स्थित काली माता मंदिर में भी थी। इसके अलावा देविका स्थित मंदिरों में भी सुबह व शाम के समय काफी भीड़ नजर आई।
सोमवार देर रात को देविका नदी के तट पर विशाल जागरण का भी आयोजन किया गया, जो मंगलवार तड़के तक जारी रही। जागरण में हिस्सा लेने के बाद श्रद्धालुओं ने देविका के मंदिरों में माथा टेका और फिर घरों को लौट गए। मंगलवार को देविकानगरी का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा। हर तरफ से माता के भजन सुनाई दे रहे थे। मंगलवार को ज्यादातर लोगों ने व्रत भी रखा था। श्रद्धालुओं ने बताया कि नवरात्र में मंगलवार का पूजन व व्रत बहुत ज्यादा महत्व रखता है।
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मंगलवार को चौथा नवरात्र था और मंगलवार होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था।
टी मोड़ स्थित काली माता मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालु लाइन में लग गए थे। इसके बाद सुबह नौ बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। शाम करीब छह बजे फिर से मंदिर में कतार लगना शुरू हो गई। कुछ ऐसी ही स्थिति रैंबल स्थित काली माता मंदिर में भी थी। इसके अलावा देविका स्थित मंदिरों में भी सुबह व शाम के समय काफी भीड़ नजर आई।
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सोमवार देर रात को देविका नदी के तट पर विशाल जागरण का भी आयोजन किया गया, जो मंगलवार तड़के तक जारी रही। जागरण में हिस्सा लेने के बाद श्रद्धालुओं ने देविका के मंदिरों में माथा टेका और फिर घरों को लौट गए। मंगलवार को देविकानगरी का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा। हर तरफ से माता के भजन सुनाई दे रहे थे। मंगलवार को ज्यादातर लोगों ने व्रत भी रखा था। श्रद्धालुओं ने बताया कि नवरात्र में मंगलवार का पूजन व व्रत बहुत ज्यादा महत्व रखता है।
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