जम्मू शहर में डेंगू बुखार ने दी दस्तक
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बरसात के बीच जम्मू में डेंगू ने दस्तक दे दी है। जीएमसी में अब तक चार मामले एलिजा पाजिटिव आ चुके हैं। इनमें तीन मरीजों को छुट्टी दी गई है। ताजा मामले में जयपुर में बेटे को देखने गए चालीस वर्षीय बाप को डेंगू पाजिटिव होने पर शुक्रवार को जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
पीड़ित को तेज बुखार की शिकायत के साथ शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा काफी कम हो गई है। इसके लिए उसे कई पैक सेल चढ़ाए गए। उसे डाक्टरों की देखरेख में रखा गया है। मेडिसन यूनिट दो के एचओडी डा. एसके बाली ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित का निजी क्लीनिक में डेंगू पाजिटिव आया है।
उसके शरीर में प्लेटलेट्स घटने और अन्य दूसरे डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। स्टेट मलेरियाजिस्ट डा. गुरजीत सिंह के अनुसार उन्हें आधिकारिक तौर पर ऐसी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ऐसे मामलों पर तत्काल उचित कदम उठाए जाएंगे।
एक निजी लैब में डेंगू के पाजिटिव होने की पुष्टि
जानकारी के अनुसार तालाब तिल्लो निवासी एक चालीस वर्षीय व्यक्ति 24 अगस्त को जयपुर में अपने बेटे से मिलने गया था। उसका बेटा भी डेंगू से पीड़ित था और इस बीच उसे भी डेंगू की शिकायत हो गई। 29 अगस्त को जम्मू वापस आने पर उसकी तबीयत लगातार खराब होने लगी।
एक निजी लैब में एलिजा टेस्ट में उसके डेंगू के पाजिटिव होने की पुष्टि हुई। तीमारदारों ने बताया कि मरीज की हालत में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे उसे शुक्रवार को जीएमसी में भर्ती करवाना पड़ा। बुखार में थोड़ा सुधार हुआ है। डाक्टरों ने शनिवार को उसके सैंपल लेने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में डेंगू से राहत रही थी, लेकिन वर्ष 2013 में डेंगू के करीब चार सौ पाजिटिव मामले सामने आए थे। उस समय हालत यह हो गई थी कि आम लोगों में डेंगू की दहशत को कम करने के लिए सरकार को अक्तूबर 2013 में निजी लैबों में डेंगू बुखार की जांच के लिए रेपिड टेस्ट (एनएस1) पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था। एलिजा राइडर टेस्ट (1 जीएम) में ही डेंगू के पाजिटिव होने की पुष्टि होती है। रेपिड टेस्ट में अन्य बुखार से डेंगू पाजिटिव आ जाता है।