भूस्खलन की चपेट में आए 25 परिवार बेघर
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भारी भूस्खलन से तबाह हुए सनासर पंचायत के चौढ़ गांव के 25 परिवारों को इधर-उधर शिफ्ट किया गया है। 17 परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है, जबकि रविवार की शाम को आठ और परिवारों को निकाला गया।
प्रशासन इन परिवारों को पर्यटन विभाग और पत्नीटाप विकास प्राधिकरण की हटों में ठहराने दावा कर रहा है। लेकिन गांव के पीडि़तों का कहना है कि उन लोगों ने खुद ही गांव खाली कर रिश्तेदारों और अन्य जगहों पर पनाह ली है। जिला प्रशासन ने गांव के लिए रास्ता साफ करने के लिए बीआरओ और ग्रेफ से मदद मांगी है।
पिछले सप्ताह भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चौढ़ गांव में भारी भूस्खलन हुआ था। इसकी चपेट में गांव का प्राइमरी स्कूल भी आ गया था। गांव तक पहुंचने के लिए रास्तों पर मलबा और बर्फ जमी है। रास्ता पूरी तरह बंद है।
बेगहम मौसम में टेंट तक नहीं दिए गए
रामबन में सोमवार को जिला प्रशासन की बैठक में बीआरओ और ग्रेफ के अधिकारी मौजूद रहे। गांव का रास्ता साफ करने के लिए जिला प्रशासन ने बीआरओ और ग्रेफ से मशीनरी और कर्मचारियों को भेजने की मदद मांगी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रास्ते पर भारी मलबा जमा है, जिसे हटाना मुश्किल काम है। इसके लिए काफी मशीनरी की जरूरत पड़ेगी।
जिला प्रशासन का दावा है कि भूस्खलन से पीडि़त परिवारों को सनासर टूरिज्म डेवलपमेंट और पर्यटन विभाग की हटों में ठहराया गया है। लेकिन पीडि़तों का कहना है कि जिला प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्हें रहने के लिए टेंट नहीं दिए गए हैं। राशन-पानी की किल्लत है।
पंचायत के सरपंच बोधराज का कहना है कि करीब सात परिवारों को पत्नीटाप विकास प्राधिकरण और चार परिवारों को टूरिज्म विभाग के हटों में ठहराया गया है। लेकिन वहां लोगों को जरूरत का सामान उपलब्ध नहीं है।
सनासर में लगातार हिमपात हो रहा है। नायब तहसीलदार सैफुल्ला शा ने बताया कि मौसम खराब होने और रास्ता बंद होने के कारण गांव तक पहुंचना मुश्किल है। इसलिए नुकसान का सही आकलन बाद में ही संभव है।