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हाइकोर्ट ने डल झील को अपनी निगरानी में लिया
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 05 Sep 2015 11:54 PM IST
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डल झील में अतिक्रमण को रोकने के लिए लेक्स एंड वाटरवेज डेवलपमेंट अथॉरिटी (लावडा) की विफलता से निराश होकर जम्मू -कश्मीर उच्च न्यायालय ने किसी भी निर्माण गतिविधि के बारे में रिपोर्ट करने के लिए दो सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति की।
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राज्य उच्च न्यायालय ने सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति का निर्देश गत शुक्रवार को डल झील के संरक्षण संबंधी एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिया है।
चीफ जस्टिस एनपी पाल वसंथ कुमार और जस्टिस हसनैन मसूदी की खंडपीठ ने इस संदर्भ में जारी अपने आदेश में कहा है कि डल झील व उसके साथ सटे इलाकों में प्रतिबंध का उल्लंघन कर होने वाले किसी भी निर्माण कार्य की अदालत में तत्काल सूचना देने के लिए हमारी राय में दो स्वतंत्र और निष्पक्ष सतर्कता आयुक्त जिनकी पृष्ठभूमि विधि, न्याय और प्रशासकीय हो,सभी नियुक्ति जरूरी है ताकि किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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उन्होंने कहा कि डल व उसके साथ सटे प्रतिबंधित इलाकों में अतिक्रमण व निर्माण कार्यों को रोकने में लेक्स एंड वाटरवेज डेवलपमेंट अथॉरिटी (लावडा) पूरी तरह नाकाम रहा है। अदालत ने श्रीनगर के पूर्व जिला सत्र के न्यायाधीश मोहम्मद शफी खान और पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद भट को सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया है।
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अदालत ने दोनों सतर्कता आयुक्तों ओ निर्देश दिए हैं कि वह करीबन रोजाना ही डल झील के विभिन इलाकों का दौरा करें और जारी निर्माण गतिविधियों की रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को साप्ताहिक रिपोर्ट दें। अपनी रिपोर्ट में वह निर्माण व अतिक्रमण का ब्यौरा और दोषी लोगों की भी शिनाख्ती रिपोर्ट दें।