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जिले की मांग पर नौशेरा में दूसरे दिन भी प्रदर्शन
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:32 AM IST
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नौशेरा। जिले की मांग पर शनिवार को दूसरे दिन भी नौशेरा बंद रहा। इस दौरान बाजार बंद रहा और विभिन्न संगठनों के लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शनिवार को दूसरे दिन हुए प्रदर्शन में विधायक रविंद्र रैना भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बार-बार नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता के साथ धोखा होता रहा, लेकिन अब लोग अपना हक लेकर रहेंगे। इस मौके पर बार एसोसिएशन ने नौशेरा को जिला बनाने की मांग के समर्थन में कामकाज बंद रखा। बड़ी संख्या में वकील प्रदर्शन में भी शामिल हुए।
शनिवार को दूसरे दिन भी बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, सनातन धर्म सभा और अन्य कई संगठनों के लोगों ने नौशेरा को जिला बनाने के लिए रोष रैली निकाली। रैली के दौरान लोग ‘लाठी गोली खाएंगे, नौशेरा को जिला बनाएंगे’ के नारे लगा रहे थे। रोष रैली मेन चौक, झांगड़ चौक, बस अड्डा, शिव नगर से होती हुई तहसील मुख्यालय पहुंची। इस मौके पर रविंद्र रैना ने कहा कि नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता के साथ पहला धोखा 1968 में हुआ, जब नौशेरा के बजाय राजोरी को जिला बना दिया गया। अब दूसरा धोखा फिर किया गया, जब कोटरंका में एडीसी बैठा दिया गया। रैना ने कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत इन तीन इलाकों के हक छीने जा रहे हैं। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। हमें राजनीति से ऊपर उठकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन में मंत्रिमंडल के सदस्य नौशेरा की जनता से बात करने के लिए आएंगे। नौशेरा में कई विभागों के दफ्तर हैं। नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए। जिसका हक है, उसे मिलकर रहेगा।
इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान ने कहा कि अब तक नौशेरा के लोगों की उपेक्षा होती रही है, लेकिन अब कोटरंका में एडीसी बैठाने के बाद पानी सिर के ऊपर जा चुका है। इसलिए अब लोग किसी भी कीमत पर अपना हक लेने से पहले चुप नहीं बैठने वाले हैं। पिछले पचास साल से क्षेत्र की जनता के साथ सौतेला व्यवहार होता रहा है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कोटरंका में एडीसी की नियुक्ति पर राज्य की भाजपा-पीडीपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि यदि जल्द मांग नहीं मानी गई तो सभी कार्यालय बंद करवाए जाएंगे। यदि सरकार जेल में बंद करेगी तो लोग इससे भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। रोष रैली के दौरान व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष कपूर, भारत भूषण गुप्ता, परमजीत सिंह, मिया खान, जगदीश चंद साहनी, लविश गुजराल, डॉ. भुवनेश्वर, विवेक आनंद, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन में शामिल बार एसोसिएशन नौशेरा के प्रधान रतन सिंह ने कहा कि पुंछ के बाद नौशेरा को जिला बनाया जाना था, लेकिन सरकार ने राजोरी को जिला बना दिया। 1947 के बाद नौशेरा सबसे पुरानी तहसील है, इसलिए सरकार को जल्द से जल्द नौशेेरा को जिला बनाना चाहिए। इस मौके पर एडवोकेट वरुण गुजराल, एडवोकेट अश्वनी शर्मा, एडवोकेट गौरव सूदन, एडवोकेट इमरान भट, एडवोकेट हक नवाज चौधरी, एडवोकेट अजित सिंह, एडवोकेट विनय कुमार, गोपाल कृष्ण दत्ता आदि मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की तरफ से एसडीएम नौशेेरा अब्दुल संतार, तहसीलदार नौशेरा नरेश कुमार, एसडीपीओ, थाना प्रभारी आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को दूसरे दिन भी बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, सनातन धर्म सभा और अन्य कई संगठनों के लोगों ने नौशेरा को जिला बनाने के लिए रोष रैली निकाली। रैली के दौरान लोग ‘लाठी गोली खाएंगे, नौशेरा को जिला बनाएंगे’ के नारे लगा रहे थे। रोष रैली मेन चौक, झांगड़ चौक, बस अड्डा, शिव नगर से होती हुई तहसील मुख्यालय पहुंची। इस मौके पर रविंद्र रैना ने कहा कि नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता के साथ पहला धोखा 1968 में हुआ, जब नौशेरा के बजाय राजोरी को जिला बना दिया गया। अब दूसरा धोखा फिर किया गया, जब कोटरंका में एडीसी बैठा दिया गया। रैना ने कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत इन तीन इलाकों के हक छीने जा रहे हैं। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। हमें राजनीति से ऊपर उठकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन में मंत्रिमंडल के सदस्य नौशेरा की जनता से बात करने के लिए आएंगे। नौशेरा में कई विभागों के दफ्तर हैं। नौशेरा, सुंदरबनी और कालाकोट की जनता को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए। जिसका हक है, उसे मिलकर रहेगा।
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इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान ने कहा कि अब तक नौशेरा के लोगों की उपेक्षा होती रही है, लेकिन अब कोटरंका में एडीसी बैठाने के बाद पानी सिर के ऊपर जा चुका है। इसलिए अब लोग किसी भी कीमत पर अपना हक लेने से पहले चुप नहीं बैठने वाले हैं। पिछले पचास साल से क्षेत्र की जनता के साथ सौतेला व्यवहार होता रहा है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कोटरंका में एडीसी की नियुक्ति पर राज्य की भाजपा-पीडीपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि यदि जल्द मांग नहीं मानी गई तो सभी कार्यालय बंद करवाए जाएंगे। यदि सरकार जेल में बंद करेगी तो लोग इससे भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। रोष रैली के दौरान व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष कपूर, भारत भूषण गुप्ता, परमजीत सिंह, मिया खान, जगदीश चंद साहनी, लविश गुजराल, डॉ. भुवनेश्वर, विवेक आनंद, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन में शामिल बार एसोसिएशन नौशेरा के प्रधान रतन सिंह ने कहा कि पुंछ के बाद नौशेरा को जिला बनाया जाना था, लेकिन सरकार ने राजोरी को जिला बना दिया। 1947 के बाद नौशेरा सबसे पुरानी तहसील है, इसलिए सरकार को जल्द से जल्द नौशेेरा को जिला बनाना चाहिए। इस मौके पर एडवोकेट वरुण गुजराल, एडवोकेट अश्वनी शर्मा, एडवोकेट गौरव सूदन, एडवोकेट इमरान भट, एडवोकेट हक नवाज चौधरी, एडवोकेट अजित सिंह, एडवोकेट विनय कुमार, गोपाल कृष्ण दत्ता आदि मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की तरफ से एसडीएम नौशेेरा अब्दुल संतार, तहसीलदार नौशेरा नरेश कुमार, एसडीपीओ, थाना प्रभारी आदि मौजूद रहे।