{"_id":"5b2ffd6a4f1c1b644d8b8621","slug":"181529871722-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए आतंकियों को मुख्यधारा में लाने में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए आतंकियों को मुख्यधारा में लाने में जुटी पुलिस
Updated Mon, 25 Jun 2018 04:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। युवाओं के आतंकी बनने के ग्राफ में बढ़ोतरी से चिंतित पुलिस ने आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है। पुलिस ने हाल ही में आतंकी बने युवाओं को मुख्यधारा में लौटने का अभियान तेज कर दिया है।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने आउटरीच प्रोग्राम के तहत आतंकी बन चुके युवाओं के घरवालों से मुलाकात कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक डा एसपी वैद के अनुसार कई आतंकी बन चुके युवाओं को वापस लाने में पुलिस सफल भी रही है। इस साल करीब 80 युवा आतंकी बने हैं, जिसमें पोस्ट ग्रेजूएट डिग्री हासिल किए युवा भी शामिल हैं। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कई युवाओं ने आतंकियों का दामन थामा है।
वुरहान वानी की मौत 8 जुलाई 2016 को हुई थी। 2017 में 127 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा जो 2010 के बराबर है। 2014 से लेकर 2016 तक 188 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा। आतंकी बनने की होड़ युवाओं में लगी है और लगातार इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पुलवामा बुरहान वानी का गृह जिला है। इस क्षेत्र से सबसे अधिक युवा आतंकी बने हैं। आतंकी कमांडर अबू दुजाना, अबू मूसा दर्जनों आतंकी भी मारे गए। शोपियां, पुलवामा में इसका सबसे अधिक असर पड़ा है। पुलिस इन नए आतंकियों को मुख्य धारा में लाने का बीड़ा उठा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर पुलिस ने आउटरीच प्रोग्राम के तहत आतंकी बन चुके युवाओं के घरवालों से मुलाकात कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक डा एसपी वैद के अनुसार कई आतंकी बन चुके युवाओं को वापस लाने में पुलिस सफल भी रही है। इस साल करीब 80 युवा आतंकी बने हैं, जिसमें पोस्ट ग्रेजूएट डिग्री हासिल किए युवा भी शामिल हैं। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कई युवाओं ने आतंकियों का दामन थामा है।
विज्ञापन
वुरहान वानी की मौत 8 जुलाई 2016 को हुई थी। 2017 में 127 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा जो 2010 के बराबर है। 2014 से लेकर 2016 तक 188 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा। आतंकी बनने की होड़ युवाओं में लगी है और लगातार इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पुलवामा बुरहान वानी का गृह जिला है। इस क्षेत्र से सबसे अधिक युवा आतंकी बने हैं। आतंकी कमांडर अबू दुजाना, अबू मूसा दर्जनों आतंकी भी मारे गए। शोपियां, पुलवामा में इसका सबसे अधिक असर पड़ा है। पुलिस इन नए आतंकियों को मुख्य धारा में लाने का बीड़ा उठा रही है।
विज्ञापन