खुशखबरी: जल्द खुलेंगे 175 नए सरकारी राशन डिपो
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रहबर-ए-खुराक योजना के तहत जिले में जल्द 175 नए सरकारी राशन डिपो खोले जाएंगे। योजना के तहत 300 परिवार पर एक राशन डिपो खोला जाएगा। प्रत्येक राशन डिपो पर दो कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे।
इस योजना से आने वाले समय में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा पुराने राशन डिपो भी नए नियमों के साथ खोले जाएंगे। विभाग की तरफ से पुराने राशन डिपो के डीलरों को लाइसेंस जमा करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है।
वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक जिले में मिली मंजूरी के आधार पर 89 हजार 725 राशन कार्ड होल्डर परिवार हैं। इन परिवारों को सरकारी राशन की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिले में खोले गए सरकारी राशन डिपो जरूरत से कहीं कम हैं।
वहीं मौजूद डिपो में काम करने वाले कर्मचारियों की भारी कमी है। इसी का परिणाम है कि अक्सर लोगों को समय पर राशन नहीं मिलता है इसी समस्या के लिए 2010 में रहबर-ए-खुराक योजना को जिले में लागू करने के लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिली थी।
150 परिवार पर एक राशन डिपो
सीएपीडी की तरफ से जिले में 175 नए डिपो खोलने का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा था। इसे अब मंजूरी मिल चुकी है और सीएपीडी ने इसको लेकर काम भी शुरू कर दिया।
नए नियम के तहत 300 परिवारों के लिए एक राशन डिपो खोला जाना है। दूरदराज ग्रामीण इलाकों में 150 परिवार पर एक राशन डिपो होगा। क्योंकि इन स्थानों पर लोगों को डिपो तक पहुंचने में कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है।
प्रत्येक डिपो पर दो कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। एक डिपो इंचार्ज होगा और दूसरा सामान को तोलने वाला वेट मैन होगा। इंचार्ज का दसवीं पास होना जरूरी है और उसकी उम्र 18-45 वर्ष तक होनी चाहिए। वहीं वेट मैन का आठवीं पास होना जरूरी है।
पुराने डिपो पर भी इसी के आधार पर कर्मचारी नियुक्त होंगे। पुराने डिपो के डीलरों को लाइसेंस जमा करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर वह दसवीं पास नहीं है तो वह परिवार के किसी दूसरे दसवीं पास सदस्य के नाम पर आवेदन भर कर लाइसेंस हासिल कर सकते हैं।