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जम्मू-कश्मीर: सड़क किनारे पड़े घायल मानसिक विछिप्त की दो महीने तक सेवा कर दी नईं जिन्दगी

Tue, 07 Aug 2018 03:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Tue, 07 Aug 2018 03:09 AM IST
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jammu kashmir man showing humanity for a mentally retarded man gave him new life
घायल मरीज़ के साथ पुनीत - फोटो : अमर उजाला
रियासी जिले में इंसानियत के नाते किए गए प्रयास ने एक युवक को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। गंभीर घायल और मानसिक तौर पर असंतुलित उक्त युवक की दो महीने तक सेवा कर उसे जीने का मौका दिया है। श्री माता वैष्णो देवी नारायणा अस्पताल ककरयाल पैंथल में इलाज के बाद अगला लक्ष्य उक्त युवक को मेंटल अस्पताल ले जाना है, ताकि वह मानसिक रूप से ठीक हो सके। इसके लिए किसी अच्छे डाक्टर की तलाश भी जारी है।
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लगभग अठाइस वर्ष के युवक की जिंदगी बचाने का यह कार्य गीतानगर स्थित नार्दर्न रेलवे के कार्यालय में बतौर गेटमैन काम करने वाले पुनीत कुमार सिंह ने किया है। वह उज्जैन का बंगरा जिला सिवान(बिहार) के रहने वाले हैं।
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बकौल पुनीत उन्होंने घायल युवक को कुछ महीने पहले बस अड्डे पर देखा था। जब वह उस युवक का मोबाइल से फोटो ले रहे थे तो एक दुकानदार ने उस पर कटाक्ष कर कहा कि उसे उठाकर घर ले जाओ। यह बात पुनीत को को लग गई। इसके बाद उस युवक के लिए कुछ करने की ठानी। युवक की एक बाजू टूटी थी। उपचार नहीं मिलने के कारण वह टेढ़ी होने के साथ ही उसमें इंफेक्शन हो गई थी।
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पुनीत ने डीसी प्रसन्ना रामास्वामी से मुलाकात कर उनसे सहयोग मांगा। बाद में घायल युवक को जिला अस्पताल में पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद ककरयाल के लिए रेफर कर दिया गया। यहां उसे रखने के साथ खुद उसके साथ रहना मुश्किल था। आए दिन का खर्चा भी था। इसके लिए एक बार फिर से डीसी के दरवाजे को खटखटाया। इसके बाद मिले निर्देश पर उस युवक को अस्पताल में अलग से कमरा तो मिला ही, वहीं उपचार के सारे प्रबंध किए गए।


पुनीत के अनुसार उसके इस कार्य से उसकी पत्नी जो नार्दर्न रेलवे में ही कार्यरत हैं, वह व परिवार के अन्य सदस्य खुश नहीं थे। लेकिन जब पुनीत घर पहुंचे, तो बेटे ने कहा कि पापा आप बहुत अच्छा कार्य कर रहे हो। इससे पुनीत के भीतर आत्मविश्वास बढ़ा। बाद में उसने अपनी नौकरी की परवाह किए बिना घायल की सेवा की। उसे अपने हाथों से खाना खिलाया। वर्तमान में युवक की बाजू ठीक होने को है। अब युवक की मानसिक हालत को ठीक करने के लिए किसी अच्छे डाक्टर से संपर्क करने की कोशिश है।
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