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कटड़ा के हिमकोटि क्षेत्र में लगी आग पर पाया नियंत्रण
Updated Mon, 28 May 2018 12:16 AM IST
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कटड़ा। अर्द्धकुंवारी व भवन के रास्ते में हिमकोटि के पास जंगलों में लगी आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है। रविवार सुबह से इस मार्ग पर बैटरी कार सेवा भी शुरू हो गई। हालांकि त्रिकुटा पर्वत के साथ सटी गोबिया पहाड़ी क्षेत्र में अभी भी आग लगी हुई है। हिमकोटि क्षेत्र में लगी आग को फैलने से रोकने में सीआरपीएफ की 6 बटालियन का विशेष योगदान रहा है।
आग को अर्द्धकुंवारी मार्ग तक पहुंचने से रोकने के लिए 6 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार गुप्ता व द्वितीय कमान अधिकारी तिलक राज जवानों सहित मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस और श्राइन बोर्ड के अग्निशमन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर रात भर आग को काबू करने के प्रयास में जुटे रहे। इस दौरान नये मार्ग से आवाजाही पर रोक थी। आखिर में आग को हिमकोटि मार्ग तक पहुंचने से रोकने में सफल रहे। इस बीच तेज हवा के कारण मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। रविवार सुबह सेना के हेलीकाप्टर की मदद भी ली गई। लगातार चार से पांच घंटे की कोशिश के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। इस पर यात्रियों सहित श्राइन बोर्ड ने भी सीआरपीएफ की प्रशंसा की है। वहीं जवान अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। क्योंकि, गोबिया क्षेत्र जो कटड़ा हेलीपैड के ऊपर की पहाड़ी का हिस्सा है, उस पर अभी आग लगी हुई है। हालांकि यह यात्रा मार्ग से काफी दूर है।
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आग को अर्द्धकुंवारी मार्ग तक पहुंचने से रोकने के लिए 6 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट जितेंद्र कुमार गुप्ता व द्वितीय कमान अधिकारी तिलक राज जवानों सहित मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस और श्राइन बोर्ड के अग्निशमन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर रात भर आग को काबू करने के प्रयास में जुटे रहे। इस दौरान नये मार्ग से आवाजाही पर रोक थी। आखिर में आग को हिमकोटि मार्ग तक पहुंचने से रोकने में सफल रहे। इस बीच तेज हवा के कारण मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। रविवार सुबह सेना के हेलीकाप्टर की मदद भी ली गई। लगातार चार से पांच घंटे की कोशिश के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। इस पर यात्रियों सहित श्राइन बोर्ड ने भी सीआरपीएफ की प्रशंसा की है। वहीं जवान अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। क्योंकि, गोबिया क्षेत्र जो कटड़ा हेलीपैड के ऊपर की पहाड़ी का हिस्सा है, उस पर अभी आग लगी हुई है। हालांकि यह यात्रा मार्ग से काफी दूर है।
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