फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   खेल मैदान सुविधा के लिए तरसे

खेल मैदान सुविधा के लिए तरसे

विज्ञापन
खेल मैदान सुविधा के लिए तरसे

विज्ञापन
उधमपुर। सुभाष और मिनी स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताएं शुरू होने के साथ ही स्कूलों के खिलाड़ियों की मुश्किलें भी बढ़ चुकी है। खेल प्रतियोगिताएं करवाने के लिए चुने गए दोनों मैदान वर्षों से बदहाल पड़े हैं। इन मैदानों में ही खेल विभाग की तरफ से खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। इन मैदानों में न तो खिलाड़ियों को पीने के पानी सुविधा मिल रही है और न ही धूप से बचने के लिए कोई छत है। जब तक खेल प्रतियोगिताएं चलेंगी, खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
डिस्ट्रिक्ट यूथ सर्विसेज एंड स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की तरफ से हर वर्ष अप्रैल से स्कूल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं शुरू की जाती है। यह प्रतियोगिताएं कई महीनों तक चलती हैं। इन खेल प्रतियोगिताओं में पांचवीं से 12 कक्षा तक के हजारों विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। पहले इंटर स्कूल खेल प्रतियोगिताएं होती है तो उसके बाद इंटर जोन व इंटर डिस्ट्रिक्ट खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती है। इनका आयोजन सुभाष स्टेडियम व मिनी स्टेडियम में किया जाता है। दोनों ही मैदानों की हालत कई वर्षों से खराब हैं और इन मैदानों में खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में खेलते हैं।
विज्ञापन


लड़कियों के लिए नहीं है विशेष रूम की सुविधा
दोनों ही मैदानों में लड़कियों के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा नहीं है। मिनी स्टेडियम में चार वर्ष पहले चेंजिंग रूम बनाया था, लेकिन ठेकेदार के साथ विवाद के कारण आज तक इसको खोला नहीं गया है। वहीं सुभाष स्टेडियम में तो आज तक लड़कियों के लिए चेंजिंग रूम नहीं बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बदहाल मैदान में आयोजित किए जाते हैं मुकाबले
सुभाष स्टेडियम व मिनी स्टेडियम का मैदान पूरी तरह से खराब है। मैदान में सही तरह से घास भी नहीं है। पत्थर की तरह मजबूत जमीन पर ही कबड्डी, खोखो, एथलेटिक व अन्य कई मुकाबले करवाए जाते हैं और कई बार खिलाड़ी खेलते समय घायल भी होते हैं।

दोनों मैदानों में नहीं है जल निकासी की व्यवस्था
सुभाष स्टेडियम व मिनी स्टेडियम में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जब बारिश होती है दोनों मैदान में पानी भर जाता है। बारिश बंद होने के बाद कई बार खेल विभाग कीचड़ से भरे मैदान में ही खेल प्रतियोगिता आयोजित करवा देता है और मजबूरन खिलाड़ियों को भी कीचड़ में ही खेलना पड़ता है।


धूप व बारिश से बचने को नहीं है कोई इमारत
दोनों मैदानों में अभी तक ऐसी कोई इमारत नहीं बनाई जा सकी है, जिसमें खिलाड़ी आराम कर सकें। मिनी स्टेडियम में खेल प्रतियोगिता के दौरान तेज बारिश व तेज धूप से बचने के लिए खिलाड़ी बैडमिंटन हाल के अंदर जाते हैं, जबकि सुभाष स्टेडियम में पैवेलियन के बदहाल ढांचे के नीचे बैठने को मजबूूर होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed