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जम्मू में कौन सुनेगा जनता की फरियाद
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 10 May 2016 01:54 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सोमवार को सरकार का दरबार सज गया। जम्मू में समर सचिवालय का प्रावधान न होने से नागरिक सचिवालय में कोई मंत्री नहीं रहा। गर्मी के मौसम के चलते यहां समस्याएं बढ़ेंगी।
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बिजली- पानी के अलावा अन्य समस्याएं लेकर जनता कहां जाएगी। किसे अपनी फरियाद सुनाएगी। इस मुद्दे पर विपक्षी दल आने वाले दिनों में जोरशोर से पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं।
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कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रमण भल्ला का कहना है कि पीडीपी-भाजपा ने जनता से वादे तो बहुत किए, लेकिन उन्हें पूरा करने के बजाय जनता को और परेशान किया जा रहा है। जम्मू में समर सचिवालय का प्रावधान तक नहीं किया गया है।
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कांग्रेस जब-जब सत्ता में रही, जम्मू में गर्मी के मौसम में समर सचिवालय का प्रावधान रहा। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने इस क्रम को बंद कर दिया। यह जम्मू के लोगों के साथ भेदभाव है।
पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया का कहना है कि समर सचिवालय का जम्मू में प्रावधान न किया जाना पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है। भाजपा ने सत्ता के लिए पीडीपी के समक्ष पूरी तरह से आत्मसमर्पण किया हुआ है। जनता की समस्याओं तक को सुना नहीं जा रहा है।