जम्मू कश्मीर में व्हाट्सएप ग्रुप बनाने से पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
- जिला उपायुक्त कुपवाड़ा ने देर शाम गए अधिसूचना जारी की
- राज्य प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी हिदायत
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जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को सभी व्हाट्सएप न्यूज ग्रुप को संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में खुद को रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश जारी किए हैं। जिला उपायुक्त कुपवाड़ा ने देर शाम गए अधिसूचना जारी कर दी है। यह कदम सोशल मीडिया पर अपवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है।
राज्य प्रशासन की ओर से सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी हिदायत दी गई है। हिदायत में कहा गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप पर सरकारी नीतियों और फैसलों पर अपनी टिप्पणियों से बचें, अन्यथा उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन की ओर से जारी की गई अधिसूचना में सभी व्हाट्सएप न्यूज ग्रुप के एडमिन को निर्देश दिए गए हैं कि वे दस दिनों में रजिस्ट्रेशन कराएं। उनके समूह में जो भी खबर अथवा सूचना जारी होगी और उस सूचना से अगर कहीं कोई अव्यवस्था फैलती है तो उसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त कारवाई होगी।
प्रशासन की ओर से जारी किए सरकुलर में कहा गया है कि सभी सह जिला सूचना अधिकारी और जिला सोशल मीडिया प्रभारी वहाट्सएप समूहों पर जारी होने वाली सूचनाओं, खबरों की निगरानी करेंगे व समय-समय पर प्रशासन को सूचित करेंगे।
एसपी कुपवाड़ा, एसपी हंदवाड़ा और सभी तहसीलदार अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में उन सभी तत्वों का ब्योरा तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपेंगे, जो नौजवानों को विधि व्यवस्था में संकट पैदा करने, हिंसा फैलाने के लिए उकसाते हैं।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर डा. असगर सामून ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि वह संबंधित जिलों के प्रमुख नागरिकों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ निकट संपर्क बनाकररखें ताकि प्रशासन को बेहतर तरीके से कानून और व्यवस्था की स्थिति को संभालते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से बचाने में सहयोग मिले। इसके अलावा उन्होंने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीड्यूर (एसओपी) के सख्त पालन पर भी जोर दिया।
डिवीजनल कमिश्नर द्वारा अफवाहों पर अंकुश लगाने के तरीकों की भी समीक्षा की गई। सोशल मीडिया, न्यूज एजेंसियों के ऑपरेटरों को संबंधित जिला उपायुक्तों से उचित अनुमति लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने साफ लफ्जों में यह भी कहा कि ऐसा न किए जाने पर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।