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मशरूम उत्पादन में नंबर वन बनीं बिमला, अन्य महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण
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उधमपुर में मशरूक की खेती करने वाली बिमला देवी
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शहर के दंदियाल इलाके में रहने वाली बिमला देवी नारी शक्ति की शानदार मिसाल कायम कर रही हैं। मशरूम की खेती करने में बिमला देवी इस समय पूरे जिले में नंबर वन हैं। इससे वह हर महीने लाखों रुपये कमा रही हैं। साथ ही वह महिलाओं को मशरूम की खेती करने की शिक्षा देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
बिमला देवी मां चंडी स्वयं सहायता समूह के जरिये 10 महिलाओं को इसका प्रशिक्षण दे रही हैं। अब इन महिलाओं ने अपने घर में मशरूम की खेती कर हजारों रुपये कमाना शुरू कर दिया है। बिमला देवी वर्ष 2007 में दंदियाल इलाके में एक निजी स्कूल चलाती थीं। इस स्कूल से उन्हें ज्यादा आमदनी नहीं हो रही थी। ऐसे में उन्हें कृषि विभाग की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम के जरिये मशरूम की खेती के बारे में पता चला।
बिमला ने कृषि विभाग से संपर्क किया, और प्रयोग के तौर पर मशरूम की खेती करना शुरू की। सबसे पहले उन्होंने 50 थैले मशरूम लगाए, जिसमें उन्हें कामयाबी मिली। इसके जरिये उनको कम समय में हजारों रुपये कमाने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया। वह लगातार काम करती गईं, और अब वह एक समय में पांच सौ थैले बटन मशरूम और 1200 थैले डिंगरी मशरूम लगाकर हर महीने लाखों कमा रही हैं।
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लगभग छह महीने से बिमला चंडी मां नाम से स्वयं सहायता समूह भी चला रही हैं। इसके जरिये वह 10 महिलाओं को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण ले रही इन महिलाओं ने भी अपने घरों में मशरूम उगाना शुरू कर दिया है। इससे ये महिलाएं भी हजारों रुपये महीने की कमाई कर रही हैं। बिमला देवी ने बताया कि कृषि विभाग ने उनकी बहुत मदद की है। उनको मशरूम की खेती करने के लिए सब्सिडी पर कई उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। शुरू में विभाग ने मशरूम के थैले भी सब्सिडी पर उपलब्ध कराए थे।
मौजूदा समय में बिमला देवी मशरूम की खेती में जिला उधमपुर में पहले स्थान पर हैं। उनके पास चार महिलाएं कर्मचारी के तौर पर भी काम कर रही हैं। इस काम में बिमला का पूरा परिवार भी सहयोग कर रहा है। बिमला ने अब स्कूल बंद कर दिया है, और उनका पूरा ध्यान अब मशरूम की खेती पर है।
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दो महीने में ढाई क्विंटल बेचा मशरूम का अचार
बागवानी और कृषि विभाग की मदद से बिमला देवी ने मशरूम का आचार बनाना शुरू किया है। दो महीने के अंदर ही बिमला ने करीब ढाई क्विंटल आचार बेचने में सफलता पाई है। इनके आचार की बहुत मांग बढ़ी है, इसलिए वह जल्द ही आचार की इकाई भी स्थापित करेंगी। बागवानी विभाग ने बिमला को आचार की इकाई स्थापित करके देने का आश्वासन दिया है।
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बिमला देवी ने मशरूम की खेती में रिकॉर्ड कमाई कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। कृषि विभाग के मुख्य अधिकारी संजय आनंद की तरफ से उनकी पूरी मदद की जा रही है। इसके साथ विभाग उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। इनसे प्रेरणा लेकर अन्य महिलाओं ने भी मशरूम की खेती करना शुरू कर दिया है।
- सुनील गुप्ता, मशरूम विकास सहायक, उधमपुर
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बिमला देवी मां चंडी स्वयं सहायता समूह के जरिये 10 महिलाओं को इसका प्रशिक्षण दे रही हैं। अब इन महिलाओं ने अपने घर में मशरूम की खेती कर हजारों रुपये कमाना शुरू कर दिया है। बिमला देवी वर्ष 2007 में दंदियाल इलाके में एक निजी स्कूल चलाती थीं। इस स्कूल से उन्हें ज्यादा आमदनी नहीं हो रही थी। ऐसे में उन्हें कृषि विभाग की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम के जरिये मशरूम की खेती के बारे में पता चला।
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बिमला ने कृषि विभाग से संपर्क किया, और प्रयोग के तौर पर मशरूम की खेती करना शुरू की। सबसे पहले उन्होंने 50 थैले मशरूम लगाए, जिसमें उन्हें कामयाबी मिली। इसके जरिये उनको कम समय में हजारों रुपये कमाने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया। वह लगातार काम करती गईं, और अब वह एक समय में पांच सौ थैले बटन मशरूम और 1200 थैले डिंगरी मशरूम लगाकर हर महीने लाखों कमा रही हैं।
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लगभग छह महीने से बिमला चंडी मां नाम से स्वयं सहायता समूह भी चला रही हैं। इसके जरिये वह 10 महिलाओं को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण ले रही इन महिलाओं ने भी अपने घरों में मशरूम उगाना शुरू कर दिया है। इससे ये महिलाएं भी हजारों रुपये महीने की कमाई कर रही हैं। बिमला देवी ने बताया कि कृषि विभाग ने उनकी बहुत मदद की है। उनको मशरूम की खेती करने के लिए सब्सिडी पर कई उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। शुरू में विभाग ने मशरूम के थैले भी सब्सिडी पर उपलब्ध कराए थे।
मौजूदा समय में बिमला देवी मशरूम की खेती में जिला उधमपुर में पहले स्थान पर हैं। उनके पास चार महिलाएं कर्मचारी के तौर पर भी काम कर रही हैं। इस काम में बिमला का पूरा परिवार भी सहयोग कर रहा है। बिमला ने अब स्कूल बंद कर दिया है, और उनका पूरा ध्यान अब मशरूम की खेती पर है।
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दो महीने में ढाई क्विंटल बेचा मशरूम का अचार
बागवानी और कृषि विभाग की मदद से बिमला देवी ने मशरूम का आचार बनाना शुरू किया है। दो महीने के अंदर ही बिमला ने करीब ढाई क्विंटल आचार बेचने में सफलता पाई है। इनके आचार की बहुत मांग बढ़ी है, इसलिए वह जल्द ही आचार की इकाई भी स्थापित करेंगी। बागवानी विभाग ने बिमला को आचार की इकाई स्थापित करके देने का आश्वासन दिया है।
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बिमला देवी ने मशरूम की खेती में रिकॉर्ड कमाई कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। कृषि विभाग के मुख्य अधिकारी संजय आनंद की तरफ से उनकी पूरी मदद की जा रही है। इसके साथ विभाग उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। इनसे प्रेरणा लेकर अन्य महिलाओं ने भी मशरूम की खेती करना शुरू कर दिया है।
- सुनील गुप्ता, मशरूम विकास सहायक, उधमपुर

उधमपुर में महिला को मशरूम का आचार बनाने का प्रशिक्षण देती बिमला देवी- फोटो : UDHAMPUR