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Udhampur News: अवैध खनन चरम पर न होता तो नहीं होती इतनी तबाही
Sat, 30 Aug 2025 01:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 30 Aug 2025 01:35 AM IST
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उधमपुर। जगानू के करोआ में तवी में बही अपनी 100 कनाल जमीन को देखते हुए बुजुर्ग बद्री सिंह। पीड़ि
- जगानू के करोआ में 100 कनाल भूमि तवी में समाई, कई मकानों को नुकसान
उधमपुर। शहर व आसपास के इलाकोें में नदी-नालों में अगर अवैध खनन को समय रहते काबू कर लिया गया होता तो उधमपुर में बारिश के कारण इतनी तबाही नहीं होती। तवी और बिरमा नाले में लगातार बढ़ते अवैध खनन से जगानू में 100 कनाल भूमि बर्बाद हो गई और दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचा है।
तीन दिन पहले हुई भारी बारिश के चलते जिला के विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कई मकान जमींदोज हुए हैं। इससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। गौरतलब है कि प्रशासनिक अधिकारी जिला के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बारिश से गिरे कच्चे व पक्के मकानों के साथ साथ लोग फसली जमीनों को हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। अपने आशियाने खो चुके सभी लोग प्रशासन से मौजूदा समय में सहायता के साथ-साथ उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक तवी नदी के साथ लगते जगानू में पड़ते करोआ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते 100 कनाल में लगाई गई फसल के साथ ही जमीन बह गई है और लोगों के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं कई घरों में दरारें आने से मकान रहने लायक नहीं रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर सुई में भारी बारिश की चपेट में आने से पूरा मकान जमींदोज होने से पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदारों के घर पर रहने के लिए मजबूर हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेकर चले गए हैं। दूसरी ओर सत्यालता पंचायत के वार्ड नंबर दो में रहने वाले रघुवीर सिंह का मकान भी पस्सियां आने के कारण मलबे से भर गया। मकान के साथ अन्य बने कई घरों को नुकसान पहुंचा है और पानी व मलबा कई लोगों के घरों के अंदर चला गया। प्रशासन की ओर से जिले में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कई टीमों का गठन कर उन्हें मौके पर भेजा जा रहा है। वहीं, उधमपुर से पंचैरी मोंगरी मार्ग का जिला मुख्यालय से संपर्क कटने के चलते प्राकृतिक आपदा में घायल महिला पुष्पा देवी पत्नी अशोक सिंह निवासी दमनोट को प्रशासन के सहयोग से वायुसेना ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
अवैध खनन के कारण बद्री सिंह की 100 कनाल उपजाऊ भूमि तबाह होने सहित 10 मकानों को नुकसान पहुंचा है। अवैध खनन को लेकर बार-बार आवाज उठाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। क्योंकि यह सब शासन प्रशासन और विभाग की मिली भगत से ही किया जा रहा है।
- आरएस पठानिया, विधायक, उधमपुर पूर्वी
प्रशासन की ओर से जिला के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में भी हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए विभिन्न टीमों को रवाना किया गया है। मगर दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्र होेने के चलते देरी हो रही है। उम्मीद है कि शनिवार तक जिले में हुए नुकसान के बारे में पता चल सकेगा तभी कुछ कहा जा सकता है।
- जय सिंह, तहसीलदार उधमपुर
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उधमपुर। शहर व आसपास के इलाकोें में नदी-नालों में अगर अवैध खनन को समय रहते काबू कर लिया गया होता तो उधमपुर में बारिश के कारण इतनी तबाही नहीं होती। तवी और बिरमा नाले में लगातार बढ़ते अवैध खनन से जगानू में 100 कनाल भूमि बर्बाद हो गई और दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचा है।
तीन दिन पहले हुई भारी बारिश के चलते जिला के विभिन्न क्षेत्रों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कई मकान जमींदोज हुए हैं। इससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। गौरतलब है कि प्रशासनिक अधिकारी जिला के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बारिश से गिरे कच्चे व पक्के मकानों के साथ साथ लोग फसली जमीनों को हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। अपने आशियाने खो चुके सभी लोग प्रशासन से मौजूदा समय में सहायता के साथ-साथ उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक तवी नदी के साथ लगते जगानू में पड़ते करोआ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते 100 कनाल में लगाई गई फसल के साथ ही जमीन बह गई है और लोगों के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं कई घरों में दरारें आने से मकान रहने लायक नहीं रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर सुई में भारी बारिश की चपेट में आने से पूरा मकान जमींदोज होने से पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदारों के घर पर रहने के लिए मजबूर हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेकर चले गए हैं। दूसरी ओर सत्यालता पंचायत के वार्ड नंबर दो में रहने वाले रघुवीर सिंह का मकान भी पस्सियां आने के कारण मलबे से भर गया। मकान के साथ अन्य बने कई घरों को नुकसान पहुंचा है और पानी व मलबा कई लोगों के घरों के अंदर चला गया। प्रशासन की ओर से जिले में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कई टीमों का गठन कर उन्हें मौके पर भेजा जा रहा है। वहीं, उधमपुर से पंचैरी मोंगरी मार्ग का जिला मुख्यालय से संपर्क कटने के चलते प्राकृतिक आपदा में घायल महिला पुष्पा देवी पत्नी अशोक सिंह निवासी दमनोट को प्रशासन के सहयोग से वायुसेना ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
अवैध खनन के कारण बद्री सिंह की 100 कनाल उपजाऊ भूमि तबाह होने सहित 10 मकानों को नुकसान पहुंचा है। अवैध खनन को लेकर बार-बार आवाज उठाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। क्योंकि यह सब शासन प्रशासन और विभाग की मिली भगत से ही किया जा रहा है।
- आरएस पठानिया, विधायक, उधमपुर पूर्वी
प्रशासन की ओर से जिला के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में भी हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए विभिन्न टीमों को रवाना किया गया है। मगर दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्र होेने के चलते देरी हो रही है। उम्मीद है कि शनिवार तक जिले में हुए नुकसान के बारे में पता चल सकेगा तभी कुछ कहा जा सकता है।
- जय सिंह, तहसीलदार उधमपुर