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बिरमा में 16 करोड़ से बनेगा 115 मीटर लंबा पुल
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उधमपुर। बिरमा में पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद करीब छह महीने से प्रभावित यातायात को सुचारू करने के लिए बीआरओ 115 मीटर लंबा स्थायी पुल बनाएगा। इसके लिए 16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर भेज दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, बीआरओ काम शुरू देगा। पुल तैयार करने में करीब दो वर्ष का समय लगेगा और तब तक लोगों को बैली पुल पर ही आवाजाही करनी पड़ेगी।
शहर की लाइफ लाइन कहा जाने वाला बिरमा पुल छह महीने पहले बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। जब बीआरओ ने पुल की जांच की तो पता चला था कि 50 वर्ष पुराना पुल बदहाल हो चुका है। इस पर अब वाहनों की आवाजाही करना संभव नहीं। बीआरओ ने इसको असुरक्षित घोषित कर दिया था। वहीं शहरवासियों क समस्या को ध्यान में रखते हुए सेना ने इसी पुल पर एक बैली तैयार कर वाहनों की आवाजाही को शुरू किया था। इसके साथ बीआरओ बिरमा नाले पर ही अलग से बैली पुल तैयार किया था। करीब दो महीने के बाद स्थायी पुल पर दरारें ज्यादा बढ़ गई तो सेना ने बैली पुल को बंद कर दिया। अब एक ही बैली पुल के जरिए वाहनों की आवाजाही चल रही है और इससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित है। हर रोज बिरमा इलाके में जाम लगता है और शहरवासियों को परेशानियों का सामना पड़ा। इस परेशानी को दूर करने के लिए बीआरओ ने दूसरे बैली पुल का काम भी शुरू कर दिया है। लेकिन यह सारी वैकल्पिक व्यवस्था है। इसका स्थायी समाधान स्थायी पुल का निर्माण करना है। हालांकि अब इसके लिए बीआरओ ने प्रयास शुरू कर दिया है। पुराने पुल के बगल में ही दूसरे पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। पिछले दिनों ही बीआरओ ने इसके सर्वे किया था और रिपोर्ट तैयार कर हेडक्वार्टर तैयार कर दी थी। पुल की कुल लंबाई 115 मीटर की होगी और इसका निर्माण पूरा होने में करीब दो वर्ष लग जाएंगे। दो वर्ष तक बिरमा इलाके में यातायात के थोड़ा प्रभावित रहने की संभावना है।
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बिरमा इलाके में स्थायी पुल बनने के बाद ही यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। नए पुल के निर्माण में करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसकी मंजूरी मिलने के बाद जल्द काम शुरू करने का प्रयास होगा।
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एच मूर्ति, कमांडर 35 बीआरटीएफ
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शहर की लाइफ लाइन कहा जाने वाला बिरमा पुल छह महीने पहले बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। जब बीआरओ ने पुल की जांच की तो पता चला था कि 50 वर्ष पुराना पुल बदहाल हो चुका है। इस पर अब वाहनों की आवाजाही करना संभव नहीं। बीआरओ ने इसको असुरक्षित घोषित कर दिया था। वहीं शहरवासियों क समस्या को ध्यान में रखते हुए सेना ने इसी पुल पर एक बैली तैयार कर वाहनों की आवाजाही को शुरू किया था। इसके साथ बीआरओ बिरमा नाले पर ही अलग से बैली पुल तैयार किया था। करीब दो महीने के बाद स्थायी पुल पर दरारें ज्यादा बढ़ गई तो सेना ने बैली पुल को बंद कर दिया। अब एक ही बैली पुल के जरिए वाहनों की आवाजाही चल रही है और इससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित है। हर रोज बिरमा इलाके में जाम लगता है और शहरवासियों को परेशानियों का सामना पड़ा। इस परेशानी को दूर करने के लिए बीआरओ ने दूसरे बैली पुल का काम भी शुरू कर दिया है। लेकिन यह सारी वैकल्पिक व्यवस्था है। इसका स्थायी समाधान स्थायी पुल का निर्माण करना है। हालांकि अब इसके लिए बीआरओ ने प्रयास शुरू कर दिया है। पुराने पुल के बगल में ही दूसरे पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। पिछले दिनों ही बीआरओ ने इसके सर्वे किया था और रिपोर्ट तैयार कर हेडक्वार्टर तैयार कर दी थी। पुल की कुल लंबाई 115 मीटर की होगी और इसका निर्माण पूरा होने में करीब दो वर्ष लग जाएंगे। दो वर्ष तक बिरमा इलाके में यातायात के थोड़ा प्रभावित रहने की संभावना है।
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बिरमा इलाके में स्थायी पुल बनने के बाद ही यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। नए पुल के निर्माण में करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसकी मंजूरी मिलने के बाद जल्द काम शुरू करने का प्रयास होगा।
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