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आस्था का अनोखा रंग : पहाड़ की चोटी पर सज रहा जज्बे का मेला

Thu, 28 May 2026 01:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Thu, 28 May 2026 01:37 AM IST
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The Unique Hue of Faith: A Fair of Indomitable Spirit Unfolds atop the Mountain Peak
युगधार मेला 31 को, कमेटी के सदस्य मंदिर से एक किलोमीटर दूर बावलियों से पानी ढोकर ला रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। घने बादलों को छूती पहाड़ की चोटी। उबड़-खाबड़ रास्ते। इन रास्तों पर गूंजते बाबा युग के जयकारे। यह दृश्य है चिनैनी सबडिवीजन के तहत आने वाले ऐतिहासिक बाबा युग स्थल का। यहां 31 मई को मेला सजने जा रहा है।
आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम इस पावन चोटी पर आस्था का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है। जहां प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज तक सड़क नहीं बन पाई, वहां भक्तों की श्रद्धा को सुगम बनाने के लिए मेला कमेटी के सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया है। मेला कमेटी के प्रधान बलदेव सिंह के नेतृत्व में सेवादारों की टोली ने मेले से कई दिन पहले ही इस दुर्गम चोटी पर अपना डेरा डाल दिया है।
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कमेटी सदस्यों ने अब तक 10 हजार लीटर पानी का किया भंडारण
बुधवार से शुरू हुआ यह कारवां अब पूरी तरह से तैयारियों में जुट चुका है। पहाड़ी के ऊपर पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस जल संकट से निपटने के लिए कमेटी के सदस्य मुख्य स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक बावलियों से खुद पानी ढोकर ला रहे हैं। अब तक करीब 10 हजार लीटर पानी का विशाल भंडारण किया जा चुका है, ताकि चिलचिलाती धूप में आने वाले श्रद्धालुओं की प्यास बुझाई जा सके। मेले के दिन भी पास की एक अन्य बावली से निरंतर पानी लाया जाएगा।
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घोड़ों और खच्चरों से ऊपर पहुंचाई जा रही जरूरी सामग्री
सड़क न होने के कारण टेंट, राशन और अन्य जरूरी सामग्रियां घोड़ों और खच्चरों पर लादकर ऊपर पहुंचाई जा रही हैं। यह सेवादार यहां केवल टेंट ही नहीं लगा रहे, बल्कि अस्थायी शौचालय का निर्माण, लंगर की व्यवस्था और मेले की पूर्व संध्या पर दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने का इंतजाम भी कर रहे हैं। 31 मई की सुबह 5 बजे से ही यहां सुंदरकांड पाठ, भव्य हवन यज्ञ, कथा और भजन-कीर्तन की मधुर लहरियां गूंजेंगी। सुविधाओं की कमी पर भारी पड़ता इन सेवादारों का जज्बा यह साबित करता है कि जहां अटूट श्रद्धा होती है, वहां रास्ते की हर बाधा बौनी साबित हो जाती है।
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