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दो बच्चियों के साथ आत्महत्या करने पहुंची मां, लोगों ने बचाया
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उधमपुर। घरेलू हिंसा से तंग आकर एक महिला ने अपनी दो बच्चियों के साथ शुक्रवार को देविका तट पर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उसे ऐसा करने से रोक लिया, और समझा बुझाकर उसे घर वापस भेज दिया।
पीड़ित महिला ने बताया कि वह रामनगर के केला गांव की रहने वाली है। उसका पति अजय कुमार किसी अन्य राज्य में काम करता है, जिसका दो महीने से फोन बंद है। इस बीच उसकी सास ने उसे घर से निकाल दिया है। मायके वाले गरीब हैं। वह उनका खर्च नहीं उठा सकते। ऐसे में उसके पास कोई ठिकाना नहीं बचा।
उसने बताया कि बेटा न होने के कारण उसका पति और उसके ससुराल वाले उसके साथ अक्सर मारपीट करते हैं। इसको लेकर वह कई बार थाने में शिकायत भी दर्ज करवा चुकी है, लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद ससुराल वालों का रवैया फिर से बदल जाता है। पति भी उससे ठीक से बर्ताव नहीं करता। अंतिम बार घर से जाने के बाद उसके पति ने उससे कोई संपर्क नहीं किया है। जब भी वह फोन करती है तो पति फोन बंद कर देता है। अब सास ने भी उसे घर से निकाल दिया है।
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वहीं, स्थानीय निवासी संतोष कुमारी ने बताया कि वह देविका तट पर कुछ काम से गई थी, जहां बंदना अपनी दो बच्चियों के साथ आत्महत्या के इरादे से पहुंची थी। उसने अन्य लोगों के साथ समझाया, और एक वकील को इसकी जानकारी दी। उन्होंने भी उसे समझाया और इंसाफ दिलाने का विश्वास दिलाया। एडवोकेट शिवानी कटोच ने प्रशासन से मांग की कि उक्त महिला को इंसाफ दिलाने के लिए जल्द उचित कार्रवाई की जाए।
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पीड़ित महिला ने बताया कि वह रामनगर के केला गांव की रहने वाली है। उसका पति अजय कुमार किसी अन्य राज्य में काम करता है, जिसका दो महीने से फोन बंद है। इस बीच उसकी सास ने उसे घर से निकाल दिया है। मायके वाले गरीब हैं। वह उनका खर्च नहीं उठा सकते। ऐसे में उसके पास कोई ठिकाना नहीं बचा।
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उसने बताया कि बेटा न होने के कारण उसका पति और उसके ससुराल वाले उसके साथ अक्सर मारपीट करते हैं। इसको लेकर वह कई बार थाने में शिकायत भी दर्ज करवा चुकी है, लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद ससुराल वालों का रवैया फिर से बदल जाता है। पति भी उससे ठीक से बर्ताव नहीं करता। अंतिम बार घर से जाने के बाद उसके पति ने उससे कोई संपर्क नहीं किया है। जब भी वह फोन करती है तो पति फोन बंद कर देता है। अब सास ने भी उसे घर से निकाल दिया है।
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वहीं, स्थानीय निवासी संतोष कुमारी ने बताया कि वह देविका तट पर कुछ काम से गई थी, जहां बंदना अपनी दो बच्चियों के साथ आत्महत्या के इरादे से पहुंची थी। उसने अन्य लोगों के साथ समझाया, और एक वकील को इसकी जानकारी दी। उन्होंने भी उसे समझाया और इंसाफ दिलाने का विश्वास दिलाया। एडवोकेट शिवानी कटोच ने प्रशासन से मांग की कि उक्त महिला को इंसाफ दिलाने के लिए जल्द उचित कार्रवाई की जाए।