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Udhampur News: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने रियासी में पांच मंदिर जनता को किए समर्पित
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श्राइन बोर्ड के आध्यात्मिक केंद्र में सीईओ श्राइन बोर्ड व अन्य मूर्तियों के प्राण प्रतिष्ठा के
- फोटो : देवकली मंदिर में पूजन करते भक्त।
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने जिला रियासी में पांच अतिरिक्त मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ रविवार को पांचों नवनिर्मित मंदिर जनता को समर्पित किए।
गोर्टा कालिका साथान, गांव-हरोटकोट, पंचेरी गली, गांव-डांगाकोट, टोटे देवस्थान, गांव-टोटे, तहसील भोमग का गांव-देवीगढ़ और गांव-चसाना में निर्मित मंदिर लोगों को समर्पित किए गए। नवनिर्मित मंदिरों में पवित्र मूर्तियों की स्थापना से पहले श्राइन बोर्ड ने आध्यात्मिक विकास केंद्र (एसजीसी), कटड़ा में तीन दिवसीय हवन और पूजा समारोह का आयोजन किया। पद्मश्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री के मार्गदर्शन में पुजारियों ने प्राचीन वैदिक परंपराओं के अनुरूप अनुष्ठान किए।
अनुष्ठानों के बाद संबंधित मंदिर स्थलों पर पवित्र प्राण प्रतिष्ठा समारोह और कन्या पूजन हुए। प्रत्येक समारोह में मंदिर और उसके देवता की औपचारिक प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसे श्राइन बोर्ड के विद्वान पुजारियों ने स्थानीय समुदाय के सदस्यों और श्राइन बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न कराया। समारोह के दौरान श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंशुल गर्ग ने कहा कि बोर्ड ने पवित्र प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के बाद इन मंदिरों का प्रबंधन स्थानीय समुदायों को सौंपने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय निवासियों को दैनिक पूजा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपकर बोर्ड का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में जमीनी स्तर पर आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि मंदिरों का रखरखाव इस तरह से किया जाए जो समुदाय की भक्ति भावना और परंपराओं को दर्शाता हो।
सीईओ ने यह भी कहा कि श्राइन बोर्ड परिसर की पवित्रता सुनिश्चित करने और मंदिर की गतिविधियों के प्रभावी प्रबंधन में सहायता के लिए प्रत्येक नवनिर्मित मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाएगा।
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कटड़ा। आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने जिला रियासी में पांच अतिरिक्त मंदिरों के निर्माण के साथ-साथ रविवार को पांचों नवनिर्मित मंदिर जनता को समर्पित किए।
गोर्टा कालिका साथान, गांव-हरोटकोट, पंचेरी गली, गांव-डांगाकोट, टोटे देवस्थान, गांव-टोटे, तहसील भोमग का गांव-देवीगढ़ और गांव-चसाना में निर्मित मंदिर लोगों को समर्पित किए गए। नवनिर्मित मंदिरों में पवित्र मूर्तियों की स्थापना से पहले श्राइन बोर्ड ने आध्यात्मिक विकास केंद्र (एसजीसी), कटड़ा में तीन दिवसीय हवन और पूजा समारोह का आयोजन किया। पद्मश्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री के मार्गदर्शन में पुजारियों ने प्राचीन वैदिक परंपराओं के अनुरूप अनुष्ठान किए।
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अनुष्ठानों के बाद संबंधित मंदिर स्थलों पर पवित्र प्राण प्रतिष्ठा समारोह और कन्या पूजन हुए। प्रत्येक समारोह में मंदिर और उसके देवता की औपचारिक प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसे श्राइन बोर्ड के विद्वान पुजारियों ने स्थानीय समुदाय के सदस्यों और श्राइन बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न कराया। समारोह के दौरान श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंशुल गर्ग ने कहा कि बोर्ड ने पवित्र प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के बाद इन मंदिरों का प्रबंधन स्थानीय समुदायों को सौंपने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय निवासियों को दैनिक पूजा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपकर बोर्ड का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में जमीनी स्तर पर आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि मंदिरों का रखरखाव इस तरह से किया जाए जो समुदाय की भक्ति भावना और परंपराओं को दर्शाता हो।
सीईओ ने यह भी कहा कि श्राइन बोर्ड परिसर की पवित्रता सुनिश्चित करने और मंदिर की गतिविधियों के प्रभावी प्रबंधन में सहायता के लिए प्रत्येक नवनिर्मित मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाएगा।