{"_id":"6251d5bc5b9e20063a5437ca","slug":"shaurya-divas-udhampur-news-jmu2574649150","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरपीएफ की 187 बटालियन ने मनाया शौर्य दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरपीएफ की 187 बटालियन ने मनाया शौर्य दिवस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। बटल बालियां स्थित सीआरपीएफ की 187 बटालियन ने शनिवार को मुख्यालय में 57वां शौर्य दिवस मनाया। आयोजित कार्यक्रम में बल के द्वितीय कमान अधिकारी जसवीर सिंह ने महान गाथाओं का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1965 में गुजरात के रण ऑफ कच्छ में पाकिस्तान की इन्फेंट्री ब्रिगेड ने केरिपुबल की द्वितीय बटालियन की टाक चौकियों पर आक्रमण किया था। जिसमें केरिपुबल के जवानों ने वीरता दिखाते हुए पाकिस्तान के 34 सैनिकों मार गिराया था और चार को जिंदा पकड़ा था। युद्ध में बल के छह जवानों ने शहादत दी थी। वीर जवानों के बलिदान व वीरता की याद को ताजा रखने व उदाहरण का अनुसरण करने, बल के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक वर्ष नौ अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर वाहिनी में तैनात गैलेन्ट्री अवार्ड पाने वाले हवलदार (जीडी) पवन कुमार, सिपाही (जीडी) सतीश कुमार व सिपाही (जीडी) सुरेंद्र कुमार की वीरता का विशेष वर्णन व सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त 20 जून 2009 को द्वितीय वाहिनी बटालियन की ओर से दंतेवाड़ा जिले के लोंगपाल थानाक्षेत्र के जंगल में माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में बल के 11 वीर जवान लड़ते हुए कर्तव्य पथ पर वीरगति को प्राप्त हुए थे। जिसमें 187 बटालियन ने रठियान गांव (मनसौत) के वीर शहीद सिपाही गौरव कुमार (21) वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनको भी याद किया गया।
विज्ञापन
इस मौके द्वितीय कमान अधिकारी जसवीर सिंह, उप कमांडेंट सरोज सिहाग, उप कमांडेंट यश पॉल व मौजूद सभी अधीनस्थ अधिकारी ने शहीद सिपाही गौरव कुमार की माता दर्शना देवी और पिता दत्ताराम को गुलदस्ता व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद सिपाही के माता-पिता को हर संभव मदद व सहायता का भी आश्वासन दिया। बाद में बटालियन परिसर में अंतर कंपनी खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1965 में गुजरात के रण ऑफ कच्छ में पाकिस्तान की इन्फेंट्री ब्रिगेड ने केरिपुबल की द्वितीय बटालियन की टाक चौकियों पर आक्रमण किया था। जिसमें केरिपुबल के जवानों ने वीरता दिखाते हुए पाकिस्तान के 34 सैनिकों मार गिराया था और चार को जिंदा पकड़ा था। युद्ध में बल के छह जवानों ने शहादत दी थी। वीर जवानों के बलिदान व वीरता की याद को ताजा रखने व उदाहरण का अनुसरण करने, बल के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक वर्ष नौ अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया जाता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर वाहिनी में तैनात गैलेन्ट्री अवार्ड पाने वाले हवलदार (जीडी) पवन कुमार, सिपाही (जीडी) सतीश कुमार व सिपाही (जीडी) सुरेंद्र कुमार की वीरता का विशेष वर्णन व सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त 20 जून 2009 को द्वितीय वाहिनी बटालियन की ओर से दंतेवाड़ा जिले के लोंगपाल थानाक्षेत्र के जंगल में माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में बल के 11 वीर जवान लड़ते हुए कर्तव्य पथ पर वीरगति को प्राप्त हुए थे। जिसमें 187 बटालियन ने रठियान गांव (मनसौत) के वीर शहीद सिपाही गौरव कुमार (21) वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनको भी याद किया गया।
विज्ञापन
इस मौके द्वितीय कमान अधिकारी जसवीर सिंह, उप कमांडेंट सरोज सिहाग, उप कमांडेंट यश पॉल व मौजूद सभी अधीनस्थ अधिकारी ने शहीद सिपाही गौरव कुमार की माता दर्शना देवी और पिता दत्ताराम को गुलदस्ता व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद सिपाही के माता-पिता को हर संभव मदद व सहायता का भी आश्वासन दिया। बाद में बटालियन परिसर में अंतर कंपनी खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।