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देविका नदी के कुंडो की सफाई का काम हुआ आरंभ
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उधमपुर। देविका परियोजना के तहत रविवार को देविका नदी के कुंडों की सफाई का काम शुरू हो गया। सिंचाई विभाग ने इसका काम शुरू कर दिया है और सप्ताह के अंदर सभी कुंड साफ कर दिए जाएंगे। इनके साफ होने के बाद शहरवासी देविका नदी को कई वर्षों के बाद पुराने स्वरूप में देख सकेंगे और इसके अंदर डुबकी लगाने का काम भी कर सकेंगे। इस मौके पर टीम देविका के सदस्य मौके पर मौजूद रहे। उनके प्रयास से ही देविका के कुंडों की सफाई काम शुरू हो सका है।
देविका परियोजना के तहत करीब तीन वर्ष से काम चल रहा है, लेकिन किसी ने भी देविका के कुंडों की सफाई की तरफ ध्यान नहीं दिया है। नवंबर के पहले सप्ताह में टीम देविका के सदस्यों ने इस परेशानी को डीसी इंदु कंवल चिब के समक्ष रखा था और उन्होंने देविका परियोजना के तहत कुंडों की सफाई के लिए 9.20 लाख रुपये मंजूर कराए थे। इनकी सफाई का काम सिंचाई विभाग को सौंपा गया था। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार को विभाग ने देविका के कुंडो को साफ करने काम शुरू कर दिया है। जेसीबी को देविका नदी में उतार कर कुंडों की सफाई की जा रही है। अंदर से मलबा निकाला जा रहा है। टीम देविका के सदस्यों ने बताय कि करीब 20 वर्ष से इन कुंडों की सफाई नहीं हुई है। सभी नौ कुंड गंदगी व मलबे से भरे पड़े हैं। जब भी तेज बारिश होती है तो पानी बाहर बहने लगता है तो इसी कारण बावलियों भी प्रदूषित हो रही है। अब तो शमशान घाट से भी शव बहने लगे हैं, लेकिन सफाई होने के बाद बाढ़ की समस्या नहीं रहेगी और बारिश का पानी आराम से निकल जाएगा। इसके साथ शहरवासी कई वर्षों के बाद देविका को पुराने स्वरूप में देख कर डुबकी लगाने का आनंद प्राप्त कर सकेंगे। सप्ताह तक कुंडों की सफाई का काम पूरा होने की संभावना है।
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देविका परियोजना के तहत करीब तीन वर्ष से काम चल रहा है, लेकिन किसी ने भी देविका के कुंडों की सफाई की तरफ ध्यान नहीं दिया है। नवंबर के पहले सप्ताह में टीम देविका के सदस्यों ने इस परेशानी को डीसी इंदु कंवल चिब के समक्ष रखा था और उन्होंने देविका परियोजना के तहत कुंडों की सफाई के लिए 9.20 लाख रुपये मंजूर कराए थे। इनकी सफाई का काम सिंचाई विभाग को सौंपा गया था। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार को विभाग ने देविका के कुंडो को साफ करने काम शुरू कर दिया है। जेसीबी को देविका नदी में उतार कर कुंडों की सफाई की जा रही है। अंदर से मलबा निकाला जा रहा है। टीम देविका के सदस्यों ने बताय कि करीब 20 वर्ष से इन कुंडों की सफाई नहीं हुई है। सभी नौ कुंड गंदगी व मलबे से भरे पड़े हैं। जब भी तेज बारिश होती है तो पानी बाहर बहने लगता है तो इसी कारण बावलियों भी प्रदूषित हो रही है। अब तो शमशान घाट से भी शव बहने लगे हैं, लेकिन सफाई होने के बाद बाढ़ की समस्या नहीं रहेगी और बारिश का पानी आराम से निकल जाएगा। इसके साथ शहरवासी कई वर्षों के बाद देविका को पुराने स्वरूप में देख कर डुबकी लगाने का आनंद प्राप्त कर सकेंगे। सप्ताह तक कुंडों की सफाई का काम पूरा होने की संभावना है।
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