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ट्रांसफर सूची में धांधली का आरोप लगाकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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उधमपुर। मास्टर ग्रेड के शिक्षकों की ट्रांसफर सूची में धांधली करने का आरोप लगाकर सरकारी शिक्षकों ने सोमवार को मिनी स्टेडियम में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि सरकार की तरफ से निकाली गई सूची मापदंड के अनुसार नहीं है। इसमें कई तरह की कमियां हैं। इनमें सुधार कर नए सिरे से ट्रांसफर की सूची जारी की जाए। इसके साथ ही सीईओ व शिक्षा निदेशक जम्मू की शक्तियों को वापस लौटाया जाए।
जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम के बैनर तले शिक्षकों ने मिनी स्टेडियम में प्रदर्शन के दौरान रविंद्र त्रिपाठी, सुरेंद्र शर्मा, दर्शन शर्मा व अन्य शिक्षकों ने कहा कि पिछले दिनों सरकार की तरफ से मास्टर ग्रेड के शिक्षकों की ट्रांसफर सूची को जारी किया गया है। इसमें कई तरह की कमियां सामने आई हैं। जिन शिक्षकों को ट्रांसफर का लाभ मिलना चाहिए था, उनका नाम सूची में रखा ही नहीं गया है।
सैकड़ों शिक्षक करीब दस वर्ष से दूरदराज ग्रामीण इलाकों में ड्यूटी कर रहे हैं। इनकी ट्रांसफर नहीं की गई है। कुछ शिक्षकों को शहर के एक स्कूल से उठाकर शहर के ही दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया है। नियम अनुसार तो इन शिक्षकों को ग्रामीण इलाकों में और ग्रामीण इलाकों में नियुक्त शिक्षकों को शहर में ट्रांसफर किया जाना था। इससे साफ पता चलता है कि ट्रांसफर की सूची तैयार करने में धांधली की गई है।
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सरकार ने सीईओ और शिक्षा निदेशक की शक्तियों को सचिवालय के अधिकारियों को सौंप दिया है। इसके कारण सीईओ व शिक्षा निदेशक सही तरह से काम नहीं कर पा रहे हैं और इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
गलत नीतियों के कारण हजारों शिक्षक हो रहे परेशान
प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि कई वर्षों से टीचर ग्रेड के शिक्षकों की ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। हेडमास्टर की सूची जारी नहीं की जा रही है। इसके साथ ही क्लेरिकल व नान टीचिंग स्टाफ की प्रमोशन भी नहीं हो पा रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण ही हजारों शिक्षक परेशानियों से जूझने को मजबूर हैं। इसलिए सभी प्रदर्शन कर अपनी आवाज को उपराज्यपाल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उपराज्यपाल इसमें हस्तक्षेप कर शिक्षकों की परेशानी को दूर करें। इस मौके पर कुलदीप वर्मा, कुलदीप सिंह बंद्राल, गौतम सिंह, पीडी सिंह, अजय शर्मा, रोमेश सिंह, रवि पादा, संजय बारिया, संजीव मोदी, रमाकांत व अन्य मौजूद थे।
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जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम के बैनर तले शिक्षकों ने मिनी स्टेडियम में प्रदर्शन के दौरान रविंद्र त्रिपाठी, सुरेंद्र शर्मा, दर्शन शर्मा व अन्य शिक्षकों ने कहा कि पिछले दिनों सरकार की तरफ से मास्टर ग्रेड के शिक्षकों की ट्रांसफर सूची को जारी किया गया है। इसमें कई तरह की कमियां सामने आई हैं। जिन शिक्षकों को ट्रांसफर का लाभ मिलना चाहिए था, उनका नाम सूची में रखा ही नहीं गया है।
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सैकड़ों शिक्षक करीब दस वर्ष से दूरदराज ग्रामीण इलाकों में ड्यूटी कर रहे हैं। इनकी ट्रांसफर नहीं की गई है। कुछ शिक्षकों को शहर के एक स्कूल से उठाकर शहर के ही दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया है। नियम अनुसार तो इन शिक्षकों को ग्रामीण इलाकों में और ग्रामीण इलाकों में नियुक्त शिक्षकों को शहर में ट्रांसफर किया जाना था। इससे साफ पता चलता है कि ट्रांसफर की सूची तैयार करने में धांधली की गई है।
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सरकार ने सीईओ और शिक्षा निदेशक की शक्तियों को सचिवालय के अधिकारियों को सौंप दिया है। इसके कारण सीईओ व शिक्षा निदेशक सही तरह से काम नहीं कर पा रहे हैं और इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
गलत नीतियों के कारण हजारों शिक्षक हो रहे परेशान
प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि कई वर्षों से टीचर ग्रेड के शिक्षकों की ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। हेडमास्टर की सूची जारी नहीं की जा रही है। इसके साथ ही क्लेरिकल व नान टीचिंग स्टाफ की प्रमोशन भी नहीं हो पा रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण ही हजारों शिक्षक परेशानियों से जूझने को मजबूर हैं। इसलिए सभी प्रदर्शन कर अपनी आवाज को उपराज्यपाल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उपराज्यपाल इसमें हस्तक्षेप कर शिक्षकों की परेशानी को दूर करें। इस मौके पर कुलदीप वर्मा, कुलदीप सिंह बंद्राल, गौतम सिंह, पीडी सिंह, अजय शर्मा, रोमेश सिंह, रवि पादा, संजय बारिया, संजीव मोदी, रमाकांत व अन्य मौजूद थे।