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भद्रवाह मामले को लेकर इकजुट जम्मू ने किया प्रदर्शन
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उधमपुर। भद्रवाह मामले को लेकर एमएच चौक पर प्रदर्शन करते इक्क जुट जम्मू के कार्यकर्ता
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। इकजुट जम्मू के युवा जिला प्रधान महेश बनाथिया और छात्र नेता अमन शर्मा के नेतृत्व में नगर के एमएच चौक पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भद्रवाह में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर पीएसए (जन सुरक्षा अधिनियम) लगाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महेश बनाथिया व अमन शर्मा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा जानबूझकर एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया गया, जहां धार्मिक संस्थानों पर खड़े होकर कट्टरपंथी तत्व खुले तौर पर हिंदू देवी-देवताओं और गाय माता को गाली दे रहे हैं। कुछ व्यक्तियों को जान से मारने की सरेआम धमकी दे रहे हैं। जबकि, सामने खड़ी विशेष समुदाय की भीड़ तालियों से उनका उत्साह बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है। इसलिए, इस मामले में केवल एक एफआईआर किया जाना काफी नहीं हैं। बल्कि, इस तरह के पूरे जिहादी आधारभूत संरचना को ध्वस्त करने की जरूरत है। अगर ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदू युवा भी अब चुप बैठकर इसे सहन नहीं करेगा। इसके लिए सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएगा।
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कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का उदासीन रवैया एक ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है, जो बाद में जम्मू-कश्मीर के हिंदू व सिख समुदाय के लिए घातक साबित हो सकती है। पार्टी के अध्यक्ष को बार-बार किश्तवाड़ से फोन आ रहे हैं, और सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या हम पाकिस्तान में रह रहे हैं? क्या जम्मू-कश्मीर एक इस्लामिक स्टेट है? भद्रवाह और किश्तवाड़ में गैर मुसलमान कैसे रहेंगे? सरकार हमें भेड़ियों के हवाले क्यों कर रही है? क्या हमें पलायन करना चाहिए?
उन्होंने कहा कि जम्मू को अलग राज्य बनाने के साथ कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया जाना ही जम्मू-कश्मीर की सभी समस्याओं का अंतिम समाधान है। साथ ही उन्होंने जम्मू प्रांत की आम जनता से अपने अस्तित्व को बचाने की आगामी लड़ाई में इकजुट जम्मू के हाथ मजबूत करने की अपील की।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महेश बनाथिया व अमन शर्मा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा जानबूझकर एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाया गया, जहां धार्मिक संस्थानों पर खड़े होकर कट्टरपंथी तत्व खुले तौर पर हिंदू देवी-देवताओं और गाय माता को गाली दे रहे हैं। कुछ व्यक्तियों को जान से मारने की सरेआम धमकी दे रहे हैं। जबकि, सामने खड़ी विशेष समुदाय की भीड़ तालियों से उनका उत्साह बढ़ा रही है।
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उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है। इसलिए, इस मामले में केवल एक एफआईआर किया जाना काफी नहीं हैं। बल्कि, इस तरह के पूरे जिहादी आधारभूत संरचना को ध्वस्त करने की जरूरत है। अगर ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदू युवा भी अब चुप बैठकर इसे सहन नहीं करेगा। इसके लिए सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएगा।
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कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का उदासीन रवैया एक ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है, जो बाद में जम्मू-कश्मीर के हिंदू व सिख समुदाय के लिए घातक साबित हो सकती है। पार्टी के अध्यक्ष को बार-बार किश्तवाड़ से फोन आ रहे हैं, और सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या हम पाकिस्तान में रह रहे हैं? क्या जम्मू-कश्मीर एक इस्लामिक स्टेट है? भद्रवाह और किश्तवाड़ में गैर मुसलमान कैसे रहेंगे? सरकार हमें भेड़ियों के हवाले क्यों कर रही है? क्या हमें पलायन करना चाहिए?
उन्होंने कहा कि जम्मू को अलग राज्य बनाने के साथ कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया जाना ही जम्मू-कश्मीर की सभी समस्याओं का अंतिम समाधान है। साथ ही उन्होंने जम्मू प्रांत की आम जनता से अपने अस्तित्व को बचाने की आगामी लड़ाई में इकजुट जम्मू के हाथ मजबूत करने की अपील की।