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राजमार्ग प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने लगाया जमीन कब्जाने का आरोप
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उधमपुर:जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राज्य मार्ग संगुर चौक में स्थानीय लोगो द्वारा किया गया प्रदर्शन.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। संगूर चौक इलाके में लोगों ने राजमार्ग प्राधिकरण पर निशानदेही के अंदर जमीन कब्जाने के प्रयास करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर शनिवार को वार्ड 20 के संगूर इलाके में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संगूर इलाके में नेशनल हाईवे-44 के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गईं जमीनों से अतिरिक्त जमीनों पर कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी जमीनों पर पहले हाईवे के लिए निशानदेही की गई थी। अब उसे हटाकर कई-कई फुट अंदर की तरफ जमीनों पर निशानदेही के लिए खंभे लगा दिए गए हैं। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन जमीनों को हाईवे निर्माण के लिए पहले अधिग्रहित किया गया था, उनका अभी तक पूरा मुआवजा लोगों को नहीं दिया गया है। वहीं, हाईवे निर्माण के लिए जब उनकी जमीनों को अधिग्रहित किया गया था, तब उनको पैदल पुल और अंडरपास जैसी कई सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया गया था। यह सब कुछ तो हुआ नहीं, लेकिन बची जमीनों पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास जारी है।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गोविंद राम चलोत्रा ने कहा कि हाईवे निर्माण से लोगों को सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। संगूर चौक के निर्माण में कई तकनीकी खामियां हैं। लोग इनमें सुधार के लिए सालों से मांग उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब लोगों की जमीनों पर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने मांग की कि अगर लोगों को इन जमीनों से हटाया जाता है तो उन्हें दूसरी जगह जमीनें मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे, जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे, अंडर पास और पैदल पुल बनाने जैसी सभी मांगे वास्तविक हैं। इनका उचित समाधान होना चाहिए। प्रशासन से मांग है कि इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों को प्रदर्शन न करना पडे़।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संगूर इलाके में नेशनल हाईवे-44 के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गईं जमीनों से अतिरिक्त जमीनों पर कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी जमीनों पर पहले हाईवे के लिए निशानदेही की गई थी। अब उसे हटाकर कई-कई फुट अंदर की तरफ जमीनों पर निशानदेही के लिए खंभे लगा दिए गए हैं। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जिन जमीनों को हाईवे निर्माण के लिए पहले अधिग्रहित किया गया था, उनका अभी तक पूरा मुआवजा लोगों को नहीं दिया गया है। वहीं, हाईवे निर्माण के लिए जब उनकी जमीनों को अधिग्रहित किया गया था, तब उनको पैदल पुल और अंडरपास जैसी कई सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया गया था। यह सब कुछ तो हुआ नहीं, लेकिन बची जमीनों पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास जारी है।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गोविंद राम चलोत्रा ने कहा कि हाईवे निर्माण से लोगों को सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। संगूर चौक के निर्माण में कई तकनीकी खामियां हैं। लोग इनमें सुधार के लिए सालों से मांग उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब लोगों की जमीनों पर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने मांग की कि अगर लोगों को इन जमीनों से हटाया जाता है तो उन्हें दूसरी जगह जमीनें मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे, जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे, अंडर पास और पैदल पुल बनाने जैसी सभी मांगे वास्तविक हैं। इनका उचित समाधान होना चाहिए। प्रशासन से मांग है कि इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों को प्रदर्शन न करना पडे़।