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उधमपुर के सफाई कर्मचारियों ने दी 16 मार्च से हड़ताल पर जाने की चेतावनी
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उधमपुर। अस्थायी सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने व अन्य लंबित मांगों को लेकर शनिवार को नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो 16 मार्च से हड़ताल की जाएगी।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश उपप्रधान डेविड के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने दोपहर करीब 12 बजे कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान डेविड ने बताया कि सरकार के झूठे आश्वासनों के कारण सफाई कर्मचारी काम बंद करने को मजबूर होने लगे हैं। नगर परिषद व नगर पालिकाओं में सैकड़ों अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनको नियुक्त करते समय आश्वासन दिया गया कि सात वर्ष के बाद इनको स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, 10 वर्ष से भी अधिक समय बीतने के बाद भी किसी को स्थायी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की अब उम्र निकलती जा रही है। इसके साथ इनकी स्थायी होने की उम्मीद भी टूटने लगी है। 2014 में सरकार ने कुछ अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाया था, और आश्वासन दिया था कि कुछ समय बाद बाकी कर्मचारियों को भी स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, आठ वर्ष गुजरने के बाद भी इनको स्थायी नहीं बनाया गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस दौरान कर्मचारियों ने कई बार हड़ताल की, तो सरकार ने हर बार नया आश्वासन देकर हड़ताल का बंद करवा दी। दिया गया। लेकिन, अब सरकार के झूठे आश्वासनों को नहीं मानेंगे। नप के अधिकारियों को बता दिया है कि 15 मार्च तक सभी धरना देकर मांगों को रखेंगे। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो 16 मार्च से काम बंद हो जाएगा। फिर शहर से गंदगी उठाने का काम कोई नहीं करेगा।
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अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रदेश उपप्रधान डेविड के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने दोपहर करीब 12 बजे कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान डेविड ने बताया कि सरकार के झूठे आश्वासनों के कारण सफाई कर्मचारी काम बंद करने को मजबूर होने लगे हैं। नगर परिषद व नगर पालिकाओं में सैकड़ों अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनको नियुक्त करते समय आश्वासन दिया गया कि सात वर्ष के बाद इनको स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, 10 वर्ष से भी अधिक समय बीतने के बाद भी किसी को स्थायी नहीं किया गया।
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उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की अब उम्र निकलती जा रही है। इसके साथ इनकी स्थायी होने की उम्मीद भी टूटने लगी है। 2014 में सरकार ने कुछ अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाया था, और आश्वासन दिया था कि कुछ समय बाद बाकी कर्मचारियों को भी स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, आठ वर्ष गुजरने के बाद भी इनको स्थायी नहीं बनाया गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस दौरान कर्मचारियों ने कई बार हड़ताल की, तो सरकार ने हर बार नया आश्वासन देकर हड़ताल का बंद करवा दी। दिया गया। लेकिन, अब सरकार के झूठे आश्वासनों को नहीं मानेंगे। नप के अधिकारियों को बता दिया है कि 15 मार्च तक सभी धरना देकर मांगों को रखेंगे। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो 16 मार्च से काम बंद हो जाएगा। फिर शहर से गंदगी उठाने का काम कोई नहीं करेगा।