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मानदेय जारी करने में सरपंच का हस्तक्षेप आंगनबाड़ी वर्कर्स को मंजूर नहीं
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उधमपुर में प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी वर्कर्स।
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। आंगनबाड़ी सेंटर को पंचायत राज के अधीन किए जाने के विरोध में सोमवार को जिले की आंगनबाड़ी वर्कर्स ने शहीद भगत सिंह पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि राज्यपाल के आदेश से आंगनबाड़ी सेंटर का काम बुरी तरह से प्रभावित तो जाएगा। पिछले कई दिनों से राज्यपाल से अपील कर रहे हैं कि आदेश को वापस लिया जाए।
जिले के विभिन्न हिस्सों से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर जेएंडके आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर यूनियन के बैनर तले सुबह करीब 11 बजे शहीद भगत सिंह पार्क में एकजुट हुई, जहां सभी ने घंटों धरना देकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नीलम व अन्य आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि राज्यपाल का यह आदेश किसी कीमत पर भी मंजूर नहीं है। 20 वर्ष से भी अधिक समय से आंगनबाड़ी वर्कर्स दिन रात मेहनत कर आंगनबाड़ी सेंटर चला रही है। इस दौरान तो कोई भी सरपंच व पंच उनके कामकाम की समीक्षा करने नहीं पहुंचा और अब अचानक राज्यपाल के आदेश के बाद सरपंच व पंच उनके काम में हस्तपेक्ष करने लगे हैं।
सरकार ने 21 सरकारी विभाग की निगरानी का काम सरपंचों को दिया है। अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर का मानदेय सरपंच जारी करेगा तो 21 विभागों के कर्मचारियों का वेतन भी सरपंच की तरफ से जारी करवाना चाहिए। केवल आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ ही भेदभाव क्यों किया जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर्स को आंगनबाड़ी सेंटर में दी जा रही राशन की सप्लाई में पंचायत राज का हस्तक्षेप मंजूर है, लेकिन मानदेय जारी करने में सरपंच की कोई भी भागीदारी नहीं होनी चाहिए। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर इसका कड़ा विरोध करती हैं।
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आज फिर सभी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर राज्यपाल से अपील कर रही है कि जल्द से जल्द अपना आदेश वापस लेकर हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर को राहत प्रदान की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगी।
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जिले के विभिन्न हिस्सों से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर जेएंडके आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर यूनियन के बैनर तले सुबह करीब 11 बजे शहीद भगत सिंह पार्क में एकजुट हुई, जहां सभी ने घंटों धरना देकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नीलम व अन्य आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि राज्यपाल का यह आदेश किसी कीमत पर भी मंजूर नहीं है। 20 वर्ष से भी अधिक समय से आंगनबाड़ी वर्कर्स दिन रात मेहनत कर आंगनबाड़ी सेंटर चला रही है। इस दौरान तो कोई भी सरपंच व पंच उनके कामकाम की समीक्षा करने नहीं पहुंचा और अब अचानक राज्यपाल के आदेश के बाद सरपंच व पंच उनके काम में हस्तपेक्ष करने लगे हैं।
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सरकार ने 21 सरकारी विभाग की निगरानी का काम सरपंचों को दिया है। अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर का मानदेय सरपंच जारी करेगा तो 21 विभागों के कर्मचारियों का वेतन भी सरपंच की तरफ से जारी करवाना चाहिए। केवल आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ ही भेदभाव क्यों किया जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर्स को आंगनबाड़ी सेंटर में दी जा रही राशन की सप्लाई में पंचायत राज का हस्तक्षेप मंजूर है, लेकिन मानदेय जारी करने में सरपंच की कोई भी भागीदारी नहीं होनी चाहिए। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर इसका कड़ा विरोध करती हैं।
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आज फिर सभी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर राज्यपाल से अपील कर रही है कि जल्द से जल्द अपना आदेश वापस लेकर हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर को राहत प्रदान की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगी।