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डीडीसी अध्यक्ष ने उपायुक्त को सुनाईं खरी खोटी
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किश्तवाड़। जिला विकास परिषद अध्यक्ष पूजा ठाकुर शनिवार को एक प्रेसवार्ता बुलाकर जिला विकास आयुक्त पर खूब भड़कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपायुक्त की वजह से जिले में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
पूजा ठाकुर ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने शनिवार को एक बैठक का आयोजन किया था, जिसमें जिला विकास आयुक्त, एएलसी, एडीसी और सभी पावर प्रोजेक्टों के प्रबंधकों को बुलाया गया था। लेकिन, इनमें से कोई भी बैठक में नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले माह में जब पक्कल-डूल पावर प्रोजेक्ट में बेरोजगारों व भूमि प्रभावितों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, उस समय से धरना समाप्त करने तक तीन बार लिखित में दिया गया था कि सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। उसी से संबधित आज बैठक बुलाई थी। परंतु, बैठक में कोई नहीं आया।
उन्होंने जिला विकास आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह यहां कुछ नहीं कर रहे हैं। अगर धरना समाप्त करवाया था तो अभी तक उन सभी 16 विषयों पर काम क्यों नहीं किया गया? उनका कहना है कि पावर प्रोजेक्टों में जिन लोगों को लगाया है, उनको केंद्र स्तर पर वेतन दिया नहीं जाता, भूमि प्रभावितों के मसले हल नहीं किए जाते, बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों पर बात करनी थी। उन्होंने जिला विकास आयुक्त को चेताया कि वह इस मामले को लेकर अदालत में भी जा सकती हैं।
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पूजा ठाकुर ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने शनिवार को एक बैठक का आयोजन किया था, जिसमें जिला विकास आयुक्त, एएलसी, एडीसी और सभी पावर प्रोजेक्टों के प्रबंधकों को बुलाया गया था। लेकिन, इनमें से कोई भी बैठक में नहीं आया। उन्होंने कहा कि पिछले माह में जब पक्कल-डूल पावर प्रोजेक्ट में बेरोजगारों व भूमि प्रभावितों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, उस समय से धरना समाप्त करने तक तीन बार लिखित में दिया गया था कि सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। उसी से संबधित आज बैठक बुलाई थी। परंतु, बैठक में कोई नहीं आया।
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उन्होंने जिला विकास आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह यहां कुछ नहीं कर रहे हैं। अगर धरना समाप्त करवाया था तो अभी तक उन सभी 16 विषयों पर काम क्यों नहीं किया गया? उनका कहना है कि पावर प्रोजेक्टों में जिन लोगों को लगाया है, उनको केंद्र स्तर पर वेतन दिया नहीं जाता, भूमि प्रभावितों के मसले हल नहीं किए जाते, बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों पर बात करनी थी। उन्होंने जिला विकास आयुक्त को चेताया कि वह इस मामले को लेकर अदालत में भी जा सकती हैं।
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