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कुर्बानी देकर भारत में हुआ था विलय
ब्यूरो/अमर उजाला,उध्ामपुर
Updated Tue, 28 Oct 2014 01:56 AM IST
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जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी ने विलय दिवस धूमधाम मनाते हुए कहा कि कई सुरमाओं ने अपनी कुर्बानी देकर रियासत का भारत में विलय कराने में योगदान दिया। जो ताकतें राज्य को अलग करने में तुली हुई हैं, उन ताकतों को चेतावनी देते हुए पैंथर्स पार्टी ने मांग की है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से को भारत में वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
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पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत सिंह मनकोटिया ने कार्यालय में सुबह विलय दिवस पर महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा पर फूल-मालाएं चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बलवंत सिंह मनकोटिया के अनुसार के अनुसार जम्मू कश्मीर कभी भी अंग्रेजों का गुलाम नहीं रहा। स्वतंत्र राज्य का विलय भारत के साथ हुआ।
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जब पाक सेना की आड़ में कबालियों के हमले ने कश्मीर को अपने कब्जे में लेना चाहा। डोगरा वीर ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह ने अपने प्राणों की आहुतियां देकर जम्मू कश्मीर और उनके नागरिकों को बचाया। भारतीय सेना के जवानों ने देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान की। ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह जैसे सुरमाओं को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
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उन्होंने ब्रिटेन में पाक समर्थकों द्वारा कश्मीर की आजादी के नारे लगाने वालों की कड़ी निंदा करते हुए विधायक मनकोटिया ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा जम्मू कश्मीर का है, जिसे पाक सेना ने जबरन अपने कब्जे में रखा है। उस हिस्से को भी वापस लाने के प्रयासों में तेजी लाए जाने की भी मांग की।
उन्होंने विलय दिवस के दिन सरकारी अवकाश की घोषणा करने की मांग भी उठाई। इस मौके पर सुखदेव सिंह, गुलशन केसर, जगदेव सिंह, किशन सिंह, विक्रंात शर्मा, किशोर आदि लोग मौजूद थे।