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राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को किया गया याद
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उधमपुर। नगर के ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को याद करते हुए उनके जीवन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि हर साल 11 नवंबर को प्रथम शिक्षा मंत्री की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2008 में इनके जन्मदिवस को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षा दिवस के रूप में मान्यता दी थी। देश के पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा स्तर को बेहतर करने के लिए काफी योगदान दिया। इनके कार्यकाल के दौरान ही देश की पहली आईआईटी और यूजीसी की स्थापना की गई थी।
मौलाना आजाद को सरकार ने साल 1992 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें मरणोपरांत दिया गया। वह स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री होने के साथ एक स्वतंत्रता सेनानी, बेहतरीन लेखक और एक उच्च शिक्षाविद् भी थे।
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वक्ताओं ने कहा कि हर साल 11 नवंबर को प्रथम शिक्षा मंत्री की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2008 में इनके जन्मदिवस को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षा दिवस के रूप में मान्यता दी थी। देश के पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा स्तर को बेहतर करने के लिए काफी योगदान दिया। इनके कार्यकाल के दौरान ही देश की पहली आईआईटी और यूजीसी की स्थापना की गई थी।
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मौलाना आजाद को सरकार ने साल 1992 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें मरणोपरांत दिया गया। वह स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री होने के साथ एक स्वतंत्रता सेनानी, बेहतरीन लेखक और एक उच्च शिक्षाविद् भी थे।
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