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उधमपुर में सतत विकास के लिए बाढ़ प्रबंधन और वर्षा जल संचयन जरूरी : पठानिया
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उधमपुर। प्रभावित इलाकों का दौरा करते विधायक आरएस पठानिया। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। हाल ही में हुई अभूतपूर्व वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से उधमपुर जिले के कई गांवों में भारी तबाही मची है। विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों का मार्गदर्शन करने के लिए रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
विधायक की ओर से बबे, सुंडला, मनवाल, चेनी और एसके बेर सहित गांवों के दौरे का उद्देश्य तत्काल प्रतिक्रिया उपायों की समीक्षा करना और आपदा प्रबंधन एवं जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार करना था। तहसीलदार मजालता, थाना प्रभारी मजालता और स्थानीय अधिकारियों के साथ दौरे पर पहुंचे पठानिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बाढ़ प्रबंधन और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील समुदायों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य उपकरण हैं।
उन्होंने सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक सुंडला का दौरा किया जहां एक बड़े भूस्खलन के परिणामस्वरूप लगभग 20 घर नष्ट हो गए और एहतियात के तौर पर 50 अन्य घरों को खाली कराना पड़ा। उन्होंने आश्रय, पेयजल, स्वच्छता सुविधाओं और चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था सहित चल रहे राहत उपायों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को टेंट, राशन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, जैव-शौचालय और चौबीसों घंटे चिकित्सा सहायता के रूप में पर्याप्त सहायता मिले ताकि आपदा के बाद बीमारियों के प्रकोप को रोका जा सके।
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उन्होंने अधिकारियों को कामदला और मोट्टू जैसे अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आगे की कठिनाइयों से बचने के लिए समय पर सहायता प्रदान की जाए। पठानिया ने सड़कों को बहाल करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला क्योंकि ये आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को सामान्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और राहत कार्यों को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों से संगठित प्रतिक्रिया का आह्वान किया, और यह सुनिश्चित किया कि प्रभावित निवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चिकित्सा शिविर शीघ्रता से स्थापित किए जाएं।
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उधमपुर। हाल ही में हुई अभूतपूर्व वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से उधमपुर जिले के कई गांवों में भारी तबाही मची है। विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों का मार्गदर्शन करने के लिए रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
विधायक की ओर से बबे, सुंडला, मनवाल, चेनी और एसके बेर सहित गांवों के दौरे का उद्देश्य तत्काल प्रतिक्रिया उपायों की समीक्षा करना और आपदा प्रबंधन एवं जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार करना था। तहसीलदार मजालता, थाना प्रभारी मजालता और स्थानीय अधिकारियों के साथ दौरे पर पहुंचे पठानिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बाढ़ प्रबंधन और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील समुदायों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य उपकरण हैं।
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उन्होंने सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक सुंडला का दौरा किया जहां एक बड़े भूस्खलन के परिणामस्वरूप लगभग 20 घर नष्ट हो गए और एहतियात के तौर पर 50 अन्य घरों को खाली कराना पड़ा। उन्होंने आश्रय, पेयजल, स्वच्छता सुविधाओं और चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था सहित चल रहे राहत उपायों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को टेंट, राशन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, जैव-शौचालय और चौबीसों घंटे चिकित्सा सहायता के रूप में पर्याप्त सहायता मिले ताकि आपदा के बाद बीमारियों के प्रकोप को रोका जा सके।
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उन्होंने अधिकारियों को कामदला और मोट्टू जैसे अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आगे की कठिनाइयों से बचने के लिए समय पर सहायता प्रदान की जाए। पठानिया ने सड़कों को बहाल करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला क्योंकि ये आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को सामान्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और राहत कार्यों को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों से संगठित प्रतिक्रिया का आह्वान किया, और यह सुनिश्चित किया कि प्रभावित निवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चिकित्सा शिविर शीघ्रता से स्थापित किए जाएं।