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पंचैरी, मोंगरी व लांदर को अलग विस बनाने को लेकर सौंपा ज्ञापन
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क्कड्डठ्ठष्द्धड्डह्म्द्ब रुड्डठ्ठस्रद्गह्म् द्वशठ्ठद्दह्म्द्ब ( क्चद्धड्डद्वड्डद्द) के लोग?
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। पंचैरी, मोंगरी व लांदर को अलग विधानसभा बनाने की मांग को लेकर वीरवार को पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जम्मू में चुनाव आयुक्त केके शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
मनकोटिया ने कहा कि परिसीमन आयोग को अवगत कराया गया था कि लांदर, पंचैरी व मोंगरी भमाग उधमपुर का पिछड़ा इलाका है। यहां अभी तक मोबाइल नेटवर्क, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल, जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा कारण इस क्षेत्र को तीन अलग- अलग विधानसभा क्षेत्रों में बांटा जाना है। जिसके कारण यहां के लोग वर्षों से अलग पहाड़ी विधानसभा क्षेत्र की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर आयोग व सरकार चाहे तो इस क्षेत्र को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिल सकता है। क्षेत्र में 40 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। इसके अतिरिक्त कई अन्य पंचायतें भी क्षेत्र के साथ लगती हैं। इस हिसाब से क्षेत्र के मतदाता 70 हजार से ज्यादा हैं। कश्मीर का गुरेज विधानसभा क्षेत्र है, जहां 14 हजार मतदाता हैं। इसी तरह बनी को 41 हजार मतदाताओं वोटर पर विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। 51 हजार मतदाताओं पर जम्मू पूर्व को विधानसभा क्षेत्र बनाया है। तो लांदर, पंचैरी व मोंगरी को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा क्यों नहीं मिल सकता?
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पूर्व विधायक ने कहा कि आयोग व सरकार के कई नेताओं ने इन लोगों को आश्वासन दिया था कि इस इलाके को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिलेगा। लेकिन, अब लोगों को इसे लेकर आशंका व गड़बड़ी लग रही है। इसलिए, अगर इसमें कोई फेरबदल की कोशिश की गई, तो इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।
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मनकोटिया ने कहा कि परिसीमन आयोग को अवगत कराया गया था कि लांदर, पंचैरी व मोंगरी भमाग उधमपुर का पिछड़ा इलाका है। यहां अभी तक मोबाइल नेटवर्क, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल, जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा कारण इस क्षेत्र को तीन अलग- अलग विधानसभा क्षेत्रों में बांटा जाना है। जिसके कारण यहां के लोग वर्षों से अलग पहाड़ी विधानसभा क्षेत्र की मांग कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर आयोग व सरकार चाहे तो इस क्षेत्र को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिल सकता है। क्षेत्र में 40 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। इसके अतिरिक्त कई अन्य पंचायतें भी क्षेत्र के साथ लगती हैं। इस हिसाब से क्षेत्र के मतदाता 70 हजार से ज्यादा हैं। कश्मीर का गुरेज विधानसभा क्षेत्र है, जहां 14 हजार मतदाता हैं। इसी तरह बनी को 41 हजार मतदाताओं वोटर पर विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। 51 हजार मतदाताओं पर जम्मू पूर्व को विधानसभा क्षेत्र बनाया है। तो लांदर, पंचैरी व मोंगरी को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा क्यों नहीं मिल सकता?
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पूर्व विधायक ने कहा कि आयोग व सरकार के कई नेताओं ने इन लोगों को आश्वासन दिया था कि इस इलाके को अलग विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिलेगा। लेकिन, अब लोगों को इसे लेकर आशंका व गड़बड़ी लग रही है। इसलिए, अगर इसमें कोई फेरबदल की कोशिश की गई, तो इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।