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दूसरे दिन बाबा जित्तो के समक्ष 15 हजार भक्तों ने लगाई हाजिरी
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मैले के दौरान बाबा जित्तों की झांकी निकालते हुए
- फोटो : KATRA
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कटड़ा। धर्मनगरी से चार किमी दूर रियासी मार्ग पर तीन दिवसीय ऐतिहासिक आघार जित्तो मेले की आधिकारिक शुरूआत मंगलवार से हो गई है। इसका उद्घाटन उपायुक्त बबीला रकवाल ने किया।
मेले के उद्घाटन के मौके पर उपायुक्त ने कहा कि माता वैष्णो देवी के परम भक्त व क्रांतिकारी किसान बाबा जित्तो ने अन्याय के खिलाफ अपनी जान दी थी। उनकी याद में इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया जाता है। मौके पर एसडीएम अंग्रेज सिंह व अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने मेला स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों की लगाईं स्टॉल का निरीक्षण किया।
मेले में लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बिजली, पानी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम हुए हैं। मेला अधिकारी एसडीएम ने बताया कि मेले में सभी उचित इंतजाम किए गए हैं। माता वैष्णो देवी के दर्शन के उपरांत मेले में आने वाले यात्रियों के लिए कटड़ा से बसों का प्रबंध किया गया है। बाबा जित्तो के मंदिर में दर्शन करने आए यात्रियों का दिनभर आना जाना लगा रहा।
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मंदिर में हाजिरी लगाने वालों में स्थानीय लोगों के साथ अन्य राज्यों के यात्री भी मौजूद थे। यात्रियों की सुविधा के लिए मेला स्थल पर विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए हैं, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, पर्यटन विभाग, बागवानी के साथ विभिन्न बैंकों के स्टॉल भी शामिल हैं। यहां किसानों को कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिससे किसान इसका लाभ उठा सकें।
साथ ही मेला स्थल पर निशुल्क लंगर व छबील का भी आयोजन किया गया है। मेले के दूसरे दिन मंगलवार को करीब 15000 यात्रियों ने हाजिरी लगाकर मेले का लुत्फ उठाया। इससे पहले सोमवार को बाबा जित्तो की जन्मस्थली पर रात भर पूजा के साथ चौकी का आयोजन किया गया। इसमें बाबा जित्तो के चेलों ने परिवार की सुख शांति की कामना की।
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मेले के उद्घाटन के मौके पर उपायुक्त ने कहा कि माता वैष्णो देवी के परम भक्त व क्रांतिकारी किसान बाबा जित्तो ने अन्याय के खिलाफ अपनी जान दी थी। उनकी याद में इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया जाता है। मौके पर एसडीएम अंग्रेज सिंह व अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने मेला स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों की लगाईं स्टॉल का निरीक्षण किया।
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मेले में लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बिजली, पानी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम हुए हैं। मेला अधिकारी एसडीएम ने बताया कि मेले में सभी उचित इंतजाम किए गए हैं। माता वैष्णो देवी के दर्शन के उपरांत मेले में आने वाले यात्रियों के लिए कटड़ा से बसों का प्रबंध किया गया है। बाबा जित्तो के मंदिर में दर्शन करने आए यात्रियों का दिनभर आना जाना लगा रहा।
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मंदिर में हाजिरी लगाने वालों में स्थानीय लोगों के साथ अन्य राज्यों के यात्री भी मौजूद थे। यात्रियों की सुविधा के लिए मेला स्थल पर विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए हैं, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, पर्यटन विभाग, बागवानी के साथ विभिन्न बैंकों के स्टॉल भी शामिल हैं। यहां किसानों को कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिससे किसान इसका लाभ उठा सकें।
साथ ही मेला स्थल पर निशुल्क लंगर व छबील का भी आयोजन किया गया है। मेले के दूसरे दिन मंगलवार को करीब 15000 यात्रियों ने हाजिरी लगाकर मेले का लुत्फ उठाया। इससे पहले सोमवार को बाबा जित्तो की जन्मस्थली पर रात भर पूजा के साथ चौकी का आयोजन किया गया। इसमें बाबा जित्तो के चेलों ने परिवार की सुख शांति की कामना की।

बाबा जित्तों मैले का तीन दिवसीय उदगाटन करती जिला आयूक्त व अन्य 5,6 मैले मे लगी प्रदर्शनी को देखते अ?- फोटो : KATRA