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आरईटी शिक्षकों को मिले स्थानांतरण नीति का लाभ
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उधमपुर में ट्रांसफर पालिसी लागू करने व अन्य मांगों को लेकर बैठक करते सरकारी शिक्षक
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। जम्मू कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेकेटीजेएसी) की मासिक बैठक रविवार को जिलाध्यक्ष लेखराज परिहार की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के सभी 11 जोन के कार्यकारी सदस्यों ने भाग लिया और लंबित मांगों पर चर्चा की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग स्थानांतरण नीति तैयार करे। क्योंकि, वे 20 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्कूल में कार्यरत हैं। उनको आज तक स्थानांतरण नीति का लाभ नहीं मिला। महिला शिक्षिकाओं को शादी के बाद बहुत परेशानी हो रही है। अदालत ने भी स्थानांतरण नीति का लाभ देने को कहा है। फिर भी कोई काम नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने वरिष्ठता लाभ के लिए पांच साल की आरईटी अवधि को शामिल करने की भी मांग की। साथ ही सरकारी स्कूलों में केजी कक्षा शुरू करने के सरकार के कदम का स्वागत करते हुए बच्चों को निशुल्क वर्दी, किताबें और अन्य प्रोत्साहन देने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक छात्र सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हों। उन्होंने शिक्षकों के युक्तिकरण, एसएसए अपग्रेडेड मिडिल स्कूलों में मास्टर्स के पद स्वीकृत करने, साल 2014 से लंबित शिक्षकों की डीपीसी तैयार करवाने के साथ सीईओ से मिड-डे-मील की राशि का भुगतान करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील की राशि का महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। और इसी कारण उनके लिए मिड-डे-मील चलाना मुश्किल होता जा रहा है। मौके पर अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, रविंद्र सिंह राठौर, भूषण खजूरिया, विपिन शर्मा, आदि मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग स्थानांतरण नीति तैयार करे। क्योंकि, वे 20 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्कूल में कार्यरत हैं। उनको आज तक स्थानांतरण नीति का लाभ नहीं मिला। महिला शिक्षिकाओं को शादी के बाद बहुत परेशानी हो रही है। अदालत ने भी स्थानांतरण नीति का लाभ देने को कहा है। फिर भी कोई काम नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने वरिष्ठता लाभ के लिए पांच साल की आरईटी अवधि को शामिल करने की भी मांग की। साथ ही सरकारी स्कूलों में केजी कक्षा शुरू करने के सरकार के कदम का स्वागत करते हुए बच्चों को निशुल्क वर्दी, किताबें और अन्य प्रोत्साहन देने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक छात्र सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हों। उन्होंने शिक्षकों के युक्तिकरण, एसएसए अपग्रेडेड मिडिल स्कूलों में मास्टर्स के पद स्वीकृत करने, साल 2014 से लंबित शिक्षकों की डीपीसी तैयार करवाने के साथ सीईओ से मिड-डे-मील की राशि का भुगतान करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील की राशि का महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। और इसी कारण उनके लिए मिड-डे-मील चलाना मुश्किल होता जा रहा है। मौके पर अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, रविंद्र सिंह राठौर, भूषण खजूरिया, विपिन शर्मा, आदि मौजूद थे।